कुल्लू। प्रदेश सरकार के 17 फरवरी को पेश होने वाली बजट पर सबकी नजरें हैं। पर्यटन कारोबारियों को कुल्लू जिले के अनछुए पर्यटन स्थलों को विकसित किए जाने की योजना के साथ ही ईको टूरिज्म के लिए बजट मिलने की उम्मीद है।
अभी तक पर्यटन स्थल विकसित नहीं हो पाए हैं। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा मिलने की भी लोगों को उम्मीद है। पर्यटन स्थल विकसित होने से स्थानीय लोगों को भी स्वरोजगार मिलेगा। पर्यटन कारोबारियों को सरकार से उम्मीद है कि सरकार बजट में पर्यटन कारोबारियों को राहत प्रदान करेगी।
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बाह्य सराज में अभी भी कई ऐसे अनछुए पर्यटन स्थल हैं, जो सैलानियों की नजर से दूर हैं। सरकार को चाहिए कि बजट में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए। मूलभूत सुविधाओं को जुटाने पर फोकस करने की जरूरत है।
-उगम ठाकुर, अध्यक्ष, रघुपुर टूरिज्म एसोसिएशन
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आम आदमी सरकार से होम स्टे स्कीम में विस्तार की उम्मीद कर रहा है। पर्यटन स्थलों में बिजली, पानी और सड़कों की स्थिति अच्छी होनी चाहिए। विशेष रूप से पर्यटकों को घूमने के लिए नई साइट्स विकसित की जाएं।
-राजेंद्र प्रकाश, अध्यक्ष, सोझा टूरिज्म एसोसिएशन
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देहुरीधार, शैंशर और गाड़ापारली पंचायतों को ईको और धार्मिक पर्यटन से जोड़ा जाए। यहां साइकिल रेस, ई-कार्ट और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों की संभावनाएं तलाशी जाएं। इसके लिए बजट में प्रावधान किया जाना चाहिए।
-बिहारी लाल, निवासी शफाड़ी, देहुरीधार सैंज, कुल्लू
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हवाई सेवाओं के विस्तार के लिए कदम उठाया जाना चाहिए। इससे कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की असुविधा न हो। सरकार इसके लिए बजट का प्रावधान करे। नए पर्यटन स्थलों को भी विकसित किए जाने की भी जरूरत है।
-रोशन ठाकुर, उपाध्यक्ष, होटलियर एसोसिएशन मनाली
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