रघुपुर घाटी को जोड़ने वाली तीनों सड़कों पर बस सेवाएं ठप होने से लोग परेशान
घाटी के 40 से अधिक गांवों के लोग परेशान, भूस्खलन से बढ़ रहीं लोगों की दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भारी बारिश के चलते हो रहा भूस्खलन लोगों के लिए परेशानी बन गया है। रघुपुर घाटी को जोड़ने वाली तीनों सड़कों पर बस सेवाएं लगभग दो सप्ताह से बंद हैं।
राणाबाग-करशाला मार्ग पर गनसारी कैंची में एचआरटीसी की दो बसें भी कई दिनों से फंसी हैं। बस सेवाएं बंद होने से हजारों लोगों को जरूरी काम निपटाने के लिए आठ से दस किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ रहा है। फनौटी, करशैईगाड़, लगौटी, टकरासी और बिशलाधार पंचायतों के करीब 40 से अधिक गांवों के लोग परेशान है। छोटे वाहन दौड़ रहे हैं मगर भूस्खलन से उनकी भी दिक्कतें बढ़ रही हैं। तिलक राज, गगन साहसी, सागर दास, गुड्डू राम, बेली राम, किशोरी लाल, मान सिंह और खेम राज ने कहा कि लोगों के लिए कुल्लू, आनी, रामपुर और शिमला आना कठिन हो गया है। स्कूल-काॅलेज के विद्यार्थियों को पैदल जाना पड़ रहा है।
वीरवार रात से लेकर शुक्रवार को भी दिनभर बारिश होने से सड़कों, पैदल रास्तों और लोगों के खेतों में भूस्खलन हो गया है। सड़कों को बहाल करना लोक निर्माण विभाग के चुनौती बन गया है। बागवान धर्म सिंह, अशोक कुमार और सेस राम ने कहा कि सेब सीजन शुरू हो गया। सड़कों की खराब हालत को देखते हुए सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़कों को जल्द बहाल करने की मांग की है।
उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने कहा कि सड़कों की बहाली का काम चल रहा है। भूस्खलन डंगे ढह गए हैं। सेब सीजन के लिए विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहा है।