भुंतर सब्जी मंडी में ट्रक ऑपरेटरों और कारोबारियों के साथ चल रही खींचतान फिर उजागर होने लगी है। भुंतर सब्जी मंडी में गत दिन विवादित ‘गुंडा टैक्स’ की आड़ में पटियाला के व्यापारी और उसके चालक के साथ मारपीट हुई है। इस मारपीट में ट्रक यूनियन पर मारपीट करने का आरोप लगा है। इस आरोप पर स्थानीय ट्रक ऑपरेटरों ने कड़ा एतराज जताया है।
भुंतर में पत्रकारों से बातचीत में भुंतर ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान गोपाल कृष्ण ने कहा कि यह एक व्यक्तिगत मामला था, लेकिन यूनियन की छवि खराब करने के लिए झूठ में संघ का नाम लिया गया है। उन्होंने कहा कि भुंतर ट्रक यूनियन बाहरी ट्रक चालकों या ऑपरेटरों से किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लेती है। सब्जी मंडी के कारोबारियों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।
उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी के कारोबारियों के साथ जो विवाद सितंबर की शुरुआत में हुआ था। इसके बाद दस सितंबर को एसडीएम कुल्लू के साथ हुई बैठक में सहमति बन गई थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद 24 सितंबर को उपायुक्त कुल्लू की बैठक में हुए समझौते के तहत कुल्लू, भुंतर और औट के ट्रक यूनियनों से साथ सब्जी मंडी यूनियनों की सहमति बनी थी। उसमें यूनियन के सदस्यों के अलावा किसी भी अन्य ऑपरेटर से किसी भी प्रकार का टैक्स न लेने की बात हुई थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद यूनियन कोई भी टैक्स बाहरी ऑपरेटरों से नहीं लेती है। उन्होंने कहा कि भुंतर सब्जी मंडी यूनियन ने भी इस फैसले को माना है लेकिन कुछ कारोबारी व्यक्तिगत तौर पर अपनी मनमानी कर रहे हैं और समझौते को नहीं मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए उक्त कारोबारी यूनियन को बदनाम करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि भुंतर ट्रक ऑपरेटर्स यूनियन ने मामले को गंभीरता से लिया है। इस अवसर पर ट्रक यूनियन के उपप्रधान मोहम्मद अली, सचिव लाल सिंह, कोषाध्यक्ष संजय नेगी, प्रदीप महंत, चेयरमैन चमन लाल, कार्यकारिणी सदस्य कपिल देव, त्रिलोक जंबाल, फर्म देव, सुनील सूद, लीलाधर ठाकुर, गोबिंद राम, रणजीत, सतबंत सिंह, धर्मेंद्र सूद, त्रिलोक सिंह आदि भी उपस्थित थे।