कुल्लू। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण भुंतर-मणिकर्ण सड़क की हालत बरसात निपटने के बाद भी नहीं सुधर पाई है। क्षतिग्रस्त सड़क को ठीक तो किया गया है, लेकिन कई जगह सड़क पक्की नहीं हो पाई है।
ऐसे में वाहनों के चलने से धूल उठ रही है। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। घाटी में हजारों की संख्या में सैलानी हर साल आते हैं। सड़क की खस्ताहाल को लेकर लोग परेशान हैं। वर्ष 2023 की आपदा में भुंतर-मणिकर्ण सड़क को काफी अधिक क्षति पहुंची थी।
इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से 38 करोड़ की राशि इस सड़क के लिए जारी की थी। नदी किनारे बाढ़ नियंत्रण कार्य कुछ जगह पर किया गया, लेकिन सड़क अभी भी कई जगह पर पक्की नहीं हो सकी है। ऐसे में पर्यटकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हो रही है। भुंतर से मणिकर्ण तक सड़क डबललेन करने की प्रक्रिया भी अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। मणिकर्ण घाटी के पर्यटन कारोबारी शेर सिंह नेगी, डीआर सुमन ने कहा कि पर्यटन के लिहाज से मणिकर्ण घाटी बेहद महत्वपूर्ण है। इसे दुरुस्त किया जाए। विंटर सीजन शुरू होते ही घाटी में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसमें अभी और इजाफा होगा। सड़क दुरुस्त न होने की स्थिति में इसका नुकसान पर्यटन कारोबारियों को भुगतना पड़ेगा।
कसोल में लगा जाम
कुल्लू। घाटी में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ने लगी है। ऐसे में खराब हालत में भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर जगह-जगह जाम भी लग रहा है। सोमवार को भी कसोल में जाम लगा रहा है। इससे आम लोगों के साथ सैलानियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपदा के बाद से कई जगह पर सड़क की हालत खस्ता होने से जाम लगने का कारण है।