कुल्लू के भुंतर में स्थित नशा मुक्ति डी-एडिक्शन सेंटर का छठा स्थापना दिवस के मौके पर सामूहिक चित्
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कुल्लू। नशे की चपेट में फंसे लोगों का उपचार संभव है। जो लोग नशे की चपेट में हैं, उनके लिए नशा मुक्ति केंद्र संजीवनी से कम नहीं है। यह बात जिला कुल्लू के भुंतर में स्थित नशा मुक्ति केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. सत्यव्रत वैद्य ने कही।
नशा मुक्ति केंद्र में शनिवार को छठा स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की संपूर्ण जानकारी दी गई। नोडल अधिकारी डॉ. सत्यव्रत वैद्य ने कहा कि नशे के आदी हो चुके मरीजों को स्वस्थ जीवन देने में केंद्र मदद करता है।
उन्होंने कहा कि नशे की चपेट में आए मरीजों का नशा मुक्ति केंद्र में बेहतर उपचार किया जा रहा है। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग उपचार की सुविधा है। इसके अलावा महिला और पुरुष मरीजों को अलग-अलग भवनों में ही भर्ती करने की व्यवस्था है। इसके अलावा मरीजों की मनोचिकित्सा और काउंसलिंग भी जाती है। इस दौरान पुलिस उप अधीक्षक मोहन रावत, कार्यक्रम संयोजक आर प्रसाद शर्मा आदि उपस्थित रहे।