15 किमी दायरे में पांच जगहों से धंसा हाईवे, हादसों को न्योता दे रहीं बड़ी-बड़ी दरारें
10 से 15 फीट तक नीचे खिसकी सड़क, हाईवे की खस्ताहालत से पर्यटन कारोबारी भी चिंतित
शराई, बंजार, भेउड मोड़, छेत और सोझा कैंची बनी आम लोगों और सैलानियों के लिए मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 पर सफर अब भरोसे का नहीं, जोखिम का नाम बन गया है। महज 15 किलोमीटर के दायरे में पांच जगहों पर धंसे इस राष्ट्रीय मार्ग को अस्थायी मरहम लगाकर चालू तो कर दिया गया है लेकिन 10 से 15 फीट तक नीचे खिसकी सड़क और जमीन में पड़ीं गहरी दरारें किसी बड़े हादसे की चेतावनी दे रही हैं।
शराई से लेकर सोझा कैंची तक हाईवे की हालत ने आम लोगों, सैलानियों और पर्यटन कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। भविष्य में इन पांचों जगहों पर लगभग 700 मीटर हाईवे का पूरी तरह से नामोनिशान मिट सकता है।
बंजार के सिंधवा के साथ शराई, बंजार के नए और पुराने बस अड्डा के बीच, भेउड मोड़, छेत गांव से आगे प्राकृतिक जल स्रोत के पास और सोझा कैंची पर हाईवे आम लोगों, पर्यटकों और एनएचएआई के लिए मुसीबत बना हुआ है। सबसे अधिक परेशानी छेत गांव से आगे प्राकृतिक जलस्रोत के पास और सोझा कैंची में आ रही है। यहां करीब 500 मीटर का दायरा सबसे खराब हालत में है। एनएचएआई यहां डंगा बना रहा है। जिस तरह पेड़ों सहित जमीन धंसने से बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं, वह हाईवे की सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं।
जानकारों का मानना है कि इन जगहों की गंभीरता को देखते हुए सरकार और प्रशासन को नया विकल्प देखने की जरूरत है। पर्यटन कारोबारी राजेंद्र प्रकाश, ललित कुमार, जय सिंह और मान सिंह ने कहा कि 2025 को आई आपदा से हाईवे-305 को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के मुताबिक आपदा से हाईवे को 120 करोड़ का नुकसान आंका गया है। ऐसे में इस हाईवे को पटरी पर लाने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की जरूरत है। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि हाईवे धंसने वाली जगहों पर बसों और अन्य वाहनों को निकालना खतरे से खाली नहीं है। उधर, एनएच-305 के अधिशासी अभियंता केएल सुमन ने कहा कि धंसे हुई हाईवे को ठीक किया जा रहा है।
हाईवे की खस्ता हालात से लग रहा जाम
बंजार से लेकर सोझा तक हाईवे-305 पर जाम लग रहा है। खासकर हाईवे की खराब हालात की स्थिति बन रही है। इस कारण निगम की बसों की सवारियों और सैलानियों को सबसे अधिक परेशान होना पड़ रहा है। कुल्लू से आनी जाने वाली बसें सबसे अधिक जाम में फंस रही हैं।
आपदा ने सड़क की हालत बिगाड़कर रख दी है। बंजार से शराई से लेकर सोझा तक बुरा हाल है। हाईवे धंसने से िस्िाति भविष्य के लिए भी चिंताजनक हो गई है। सड़क की खराब दशा से आम लोग और सैलानी परेशान है। -राजेंद्र प्रकाश, पर्यटन कारोबारी
एनएच-305 की बिगड़ी हालत से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जाम लगना आम बात हो गई है। इसका असर पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। एनएच को कार्य शीघ्र शुरू करना चाहिए। - ललित कुमार महासचिव, जिभी वैली टूरिज्म एसोसिएशन