न्यूली (कुल्लू)। खस्ताहाल न्यूली-शैंशर सड़क की अभी तक सुध नहीं ली गई है। इससे हादसा होने का डर बना हुआ है। खासकर बसों में सफर करने वाले लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2023 और 2025 की आपदा के दौरान सड़क को जगह-जगह नुकसान पहुंचा है। कहीं डंगे गिरे हैं तो कहीं सड़क पर मलबा। तीन साल बीत चुके हैं, सड़क पर अभी तक डंगा लगाने का काम तक शुरू नहीं हुआ है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मार्ग पर सफर करते हुए उन्हें हादसा होने का डर बना रहता है। मार्ग सड़क को दुरुस्त करने के लिए अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है। डंगे लगाने और सड़क पर होने वाले अन्य कार्य के लिए अलग-अलग चरणों में करीब डेढ़ करोड़ के टेंडर की प्रक्रिया अमल में लाई जा चुकी है। धरातल पर कार्य शुरू नहीं हुआ है। करीब 15 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर रूआड़ के पास एक घर के आगे भूस्खलन हुआ है। यहां अभी तक डंगा नहीं लग पाया है। ऐसे में घर को भी खतरा बना हुआ है।
क्षेत्रवासियों डाबे राम, किशन चंद, तापे राम, चुन्नी लाल, प्रेम सिंह आदि का कहना है कि आपदा के बाद हालांकि वाहनों की आवाजाही के लिए आनन-फानन में सड़क को बहाल कर दिया गया है लेकिन इसमें सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। कई जगह डंगे गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही जोखिमपूर्ण बनी हुई है। उनका कहना है कि सड़क पर कई स्थानों में गड्ढे बने हुए हैं। इससे वाहन हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं। कई जगह सड़क पर मलबा गिरने के कारण सड़क संकरी हो गई है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़क की दशा सुधारने के लिए प्रयास किए जाएं। सड़क पर निजी बसें दौड़ रही हैं जबकि निगम की बस का एक भी रूट नहीं है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पवन राणा का कहना है कि सड़क पर होने वाले अधिकतर कार्य को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मौके पर कार्य शुरू करने के संदर्भ में सहायक अभियंता और अन्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी।