फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: महाशिवरात्रि पर रात भर गूंजते रहे पारंपरिक गीत

Mon, 16 Feb 2026 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
शिवरात्रि उत्सव में नृत्य करते ग्रामीण। संवाद।
विज्ञापन
बाह्य सराज की रघुपुर घाटी में लोगों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ निभाई परंपरा
विज्ञापन

शिवमय बना रहा माहौल, ग्रामीणों ने घर-घर जाकर गाए पारंपरिक गीत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। खासकर बाह्य सराज की रघुपुर घाटी में भगवान शिव की आराधना कर लोगों ने जति (पारंपरिक गाने) गाकर उत्सव मनाया। उत्सव का जश्न न केवल रविवार को दिन और रात भर रहा, बल्कि सोमवार शाम तक कई गांवों में लोग झूमते नजर आए।
विज्ञापन

ढोल-नगाड़ों, चिमटा और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ लोगों ने नाच और गाकर सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन किया। एक जुटता का भी संदेश दिया। पूरी घाटी में रात भर भगवान शिव के नाम से गीत गुनगुनाते रहे। अनोखे तरीके से मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि पर्व के लिए लोगों ने खूब तैयारियां कर रखी थीं। इस दौरान शिव माला सांई (केमटू) बनाकर भगवान महादेव के रूप में पूजा की गई। ग्रामीणों की ओर से इस सांई को महाशिवरात्रि के दिन सुबह 10 से 11 बजे के बीच तैयार कर इससे रीति-रिवाज के अनुसार लगाया जाता है। इसकी पूजा करने के बाद ही लोग अपना व्रत खोलते हैं। शाम के समय सभी गांव वाले किसी एक घर में एकत्रित होते हैं। इस दौरान नाच-गाने का दौर चलता है। लोग बारी-बारी से हर घर में जाकर पारंपरिक गीत गाते हैं। सुबह पहले शिव माला सांई को धार्मिक विधि अनुसार घर से निकाला जाता है। रात भर नाच-गाना करने के बाद भी लोग अगले दिन शाम तक इस परंपरा को नाच-गाने के साथ समाप्त करते हैं। संजय कुमार, तिलक राज, कमलू राम, बेली राम, हंस राज, किशोरी लाल, खेम राज और अशोक ठाकुर ने कहा कि महाशिवरात्रि उत्सव सदियों से मनाया जाता है। इसके लिए लोगों में उत्साह देखने को मिलता है। करशाला, बनाला, फनौटी, जुहड़, सुहल, लोट, कोट, देहुरी, कोलथा, कोठी, खनाग, कनशैल, डोहाड़ सहित पूरे क्षेत्र में महाशिवरात्रि की परंपरा निभाई गई।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें