केलांग(लाहौल-स्पीति)। जनजातीय उत्सव से पहले कई गतिविधियों का आयोजन शुरू हो गया है। मंगलवार को केलांग में पारंपरिक बुनाई प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। खंड विकास अधिकारी और उद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतियोगिता में 10 स्वयं सहायता समूहों के 21 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता की थीम आर्ट ऑफ निटिंग महिलाओं का उत्साह और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान रही। इसमें महिलाओं ने पारंपरिक शिल्पकला को आधुनिकता के साथ जोड़ते हुए न सिर्फ अपनी कला का प्रदर्शन किया बल्कि सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया। बुनाई प्रतियोगिता में पारंपरिक कला की छटा झलकी।
समापन अवसर पर उपायुक्त किरण भड़ाना ने प्रतियोगिता की विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि बुनाई जैसी पारंपरिक कलाएं महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से इस हुनर को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने पर स्वयं सहायता समूह, यांगकीर्तिग की संतोष और सुमला प्रथम, स्वयं सहायता समूह उदयपुर की शांति देवी व थोरंग स्वयं सहायता समूह की रिगजिन आंग्मो दूसरे और कुंजिंग आंग्मो तीसरे स्थान पर रहीं। सुदर्शनी गोशाल और प्रिया को सांत्वना पुरस्कार मिला। विजेता प्रतिभागियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित किया जाएगा।