कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव समिति की ओर से किए गए रेडीमेड गारमेंट मार्केट के प्लॉट आवंटन पर विवाद खड़ा हो गया है। पांच अक्तूबर को प्लॉट आवंटित होने और निर्धारित राशि जमा करवाने के बाद आवंटन रद्द किए जाने से व्यापारी नाराज हैं। उनका आरोप है कि आवंटन रद्द करने की सूचना सात अक्तूबर को फोन के माध्यम से दी गई। अब मार्केट को खुली बोली के जरिये आवंटित करने की तैयारी है। इससे नाराज व्यापारी सोमवार को उपायुक्त कुल्लू से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपकर पहले किया गया आवंटन बहाल करने की मांग उठाई।
कारोबारी कमला देवी, रुचिन कुमार और रुक्मणी ने बताया कि वे 20 वर्षों से अधिक समय से दशहरा उत्सव में रेडीमेड गारमेंट की दुकानें लगा रहे हैं। इस बार भी पांच अक्तूबर को प्लॉट आवंटन प्रक्रिया में हिस्सा लेकर उन्होंने निर्धारित राशि जमा करवा दी थी। व्यापारियों का दावा है कि वे अब तक 15 से 20 लाख रुपये का सामान खरीद चुके हैं। ऐसे में अचानक प्लॉट आवंटन रद्द किए जाने से उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका है।
व्यापारियों का आरोप है कि अब पूरी मार्केट किसी एक ठेकेदार को देने की तैयारी की जा रही है। इससे उन्हें प्लॉट महंगे दाम पर मिलेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मार्केट ठेकेदार के माध्यम से आवंटित की गई तो वे दुकानें नहीं लगाएंगे और उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना देंगे। उन्होंने उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर उनकी मांगें मानने का आग्रह किया है।
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लिपिकीय त्रुटि के कारण रद्द किया आवंटन
प्लॉट आवंटन समिति के अध्यक्ष एवं जिला पर्यटन अधिकारी रोहित शर्मा की ओर से आठ अक्तूबर को जारी पत्र में आवंटन रद्द करने का कारण बताया गया है। पत्र के अनुसार, रेडीमेड गारमेंट मार्केट को पहले ही टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया गया था, लेकिन लिपिकीय त्रुटि के कारण इसकी सूचना नहीं दी जा सकी। इसी वजह से पांच अक्तूबर को आवंटित किए गए प्लॉट रद्द किए गए हैं। समिति ने व्यापारियों को जमा राशि लौटाने के लिए उनके बैंक खातों का विवरण भी मांगा है।
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