फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: जनजातीय किसानों को चूना लगा रहे व्यापारी

Sat, 15 Nov 2025 10:03 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
विज्ञापन
लाहौल घाटी के किसानों और बागवानों की गाढ़ी कमाई पर डाल रहे डाका
विज्ञापन

घाटी में बाउंस हो चुके हैं कई चेक, पुलिस तक पहुंची रहीं शिकायतें


संवाद न्यूज एजेंसीकेलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल घाटी में चंद सब्जी और सेब कारोबारी जनजातीय किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में ऐसे व्यापारी किसानों और बागवानों की गाढ़ी कमाई पर लाखों रुपये का डाका डाल चुके हैं। ताजा मामला लाहौल में कारदंग गांव के बागवानों का सामने आया है जहां एक सेब व्यापारी पर फसल उठाने के बाद भुगतान न करने और चेक बाउंस कराने का आरोप है। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद अब घाटी के अन्य गांवों से भी किसान इसी तरह की शिकायतें लेकर सामने आने लगे हैं।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि गोभी, आलू, मटर, सेब सहित नगदी फसलों को व्यापारी सीजन में ऊंचे दामों पर उठाते हैं। भुगतान की बारी आते ही व्यापारी गायब हो रहे हैं। कई किसानों को चेक दिए गए जो बैंक में बाउंस हो गए। एक आकलन के अनुसार बीते एक दशक में ऐसे कारोबारियों ने किसानों और बागवानों के लाखों रुपये दबा रखे हैं। कई व्यापारी तो अब गायब हैं और उनका कोई पता-ठिकाना नहीं है। प्रगतिशील किसान सुरेश, विनोद, मोती लाल और विजय का कहना है कि घाटी में सब्जी मंडी न होने के कारण किसान व्यापारियों की शर्तों पर फसल बेचने को मजबूर हैं। सब्जी मंडी की व्यवस्था शुरू होने से किसानों को ठगी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि पुलिस जांच में सामने आया है कि किसानों के पास व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए चेक के अलावा कोई पुख्ता कागजी सबूत नहीं मिल रहा है। किसान अधिकांश मामलों में फसल खरीद-फरोख्त से पहले एग्रीमेंट, एफिडेविट या शपथ पत्र तैयार नहीं कर रहे हैं। इसका फायदा शातिर कारोबारी उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि घाटी में ऐसे दर्जनों चेक जारी हुए हैं जो बाउंस हो चुके हैं। एसपी लाहौल-स्पीति शिवानी मेहला ने कहा कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले कारोबारियों का पंचायत के माध्यम से पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि किसी भी व्यापारी के साथ सौदा करने से पहले मजिस्ट्रेट के माध्यम से एफिडेविट और शपथ पत्र तैयार करवाएं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें