मनाली का माल रोड जो सैलानियों के बिना सूना पड़ा है।
कुल्लू। जुलाई की बाढ़ के बाद पर्यटन स्थल खाली पड़े हैं। कुल्लू-मनाली की वादियों में पर्यटक आने से अभी कतरा रहे हैं। जिस तरह से सड़कों और मौसम का मिजाज बना हुआ है, पर्यटकों ने कुल्लू-मनाली आने का कार्यक्रम स्थगित किया हुआ है।
मनाली, मणिकर्ण, कसोल, तीर्थन घाटी सहित सैंज घाटी के पर्यटन स्थलों में वीकेंड पर भी पर्यटकों की चहलकदमी देखने को नहीं मिल रही है। अटल टनल रोहतांग में अगस्त में 55,500 वाहन गुजरे हैं। जून में हर सप्ताह अटल टनल से 50,000 से अधिक आर-पार हो रहे थे। आफत की बरसात के बाद पर्यटन पटरी पर नहीं लौटा है।
सितंबर में बरसात निपटते ही पर्यटन कारोबार के गति पकड़ने की उम्मीद है। जिले में 15 सितंबर से पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग सहित अन्य साहसिक गतिविधियों पर लगी रोक हट जाएगी। दो महीनों के लिए कुल्लू में साहसिक गतिविधियां बंद रखी गई हैं। जैसे ही साहसिक गतिविधियां शुरू होंगी तो इन गतिविधियों के शौकीन कुल्लू-मनाली पहुंचेंगे। एसपी साक्षी वर्मा ने कहा कि अगस्त महीने अटल टनल रोहतांग से 55,500 वाहन गुजरे हैं।
कई जगह मार्ग अवरुद्ध होने के बावजूद पुलिस और गृह रक्षक के जवान कुल्लू-मनाली लेफ्ट और राइट बैंक सड़क में तैनात रहे। ट्रैफिक को सुचारु रूप से चलाकर पुलिस ने आम जनता को राहत पहुंचाई है। संवाद