आधा रास्ते से वापस मुड़ रहे पर्यटक, कैसे बढ़ेगा पर्यटन
नगलाड़ी-शरची सड़क सहित अन्य मार्गों की हालत खस्ता
प्रीतम शर्मा
गुशैणी (कुल्लू)। तीर्थन घाटी पर्यटन की दृष्टि से तो उभर रही है, लेकिन खस्ताहाल सड़कों के चलते पर्यटक यहां पर आने से तौबा करने लगे हैं। पर्यटक आधे रास्ते से ही वापस मुड़ रहे हैं। ऐसे में बंजार घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पर्यटन कारोबारियों को भी घाटा उठाना पड़ रहा है।
नगलाड़ी-शरची सड़क की आपदा के बाद हालत खस्ता है। इस सड़क को अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। नगलाड़ी से करीब आधा किलोमीटर दूरी पर सड़क को नाले की तरफ निकाला गया है। आपदा के बाद सड़क यहां से नाला बन चुकी है। स्थानीय पर्यटन कारोबारियों ने करीब 700 मीटर सड़क को नाले से बदलकर वन विभाग के रेस्ट हाउस को जाने वाली सड़क से निकालने का आग्रह किया था। इससे बार-बार सड़क क्षतिग्रस्त भी नहीं होनी थी लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हो पाया है। अब स्थिति यह है कि शरची की तरफ आने वाले मलबे के ढेर व क्षतिग्रस्त सड़क देखकर वापस लौट जाते हैं। इसका खामियाजा पर्यटन कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत शरची की प्रधान रामेश्वरी ठाकुर, हरी सिंह ठाकुर, समिति सदस्य लीला देवी, पूर्व पंचायत समिति सदस्य प्रेम लता शर्मा, उदय शर्मा, गिरधारी लाल, चमन लाल, तिलक राज, देवेंद्र ठाकुर आदि ने कहा कि क्षेत्र की सड़कों की हालत सही नहीं है, जबकि पर्यटन सीजन की लगभग शुरुआत हो गई है। खराब सड़कों के चलते पर्यटन कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
लोन लेकर चलाए हैं होटल
तीर्थन घाटी में पर्यटन कारोबारियों ने लोन लेकर होटल और होम स्टे चलाए हुए हैं। अगर इस तरह की व्यवस्था के चलते उनके होटलों तक पर्यटक नहीं पहुंचते हैं तो उन्हें घाटा झेलना पड़ेगा। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के चलते हर साल यहां सैकड़ों पर्यटक पहुंचते हैं।
नई जगह से सड़क निकालने के लिए एफआरए से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के साथ वन विभाग की अनुमति लेना जरूरी है। जैसे ही अनुमति मिलती है, आगामी कार्यवाही की जाएगी। सड़कों को दुरुस्त किया जा रहा है।
विनय हाजरी अधिशासी, अभियंता लोक निर्माण विभाग, बंजार डिविजन