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Kullu News: पर्यटक तो बढ़े, पर पुराने ढर्रे पर ही चल रहा मनाली का पर्यटन कारोबार

Fri, 23 May 2025 10:28 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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नए पर्यटक स्थल विकसित करने के लिए किसी भी सरकार ने नहीं दिखाई गंभीरता
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रोहतांग की तरह नए स्थल विकसित हों तो घटेगा यातायात दबाव

लमाढुग, हामटा और दशौहर को विकसित करने करने के दावे हवा

संवाद न्यूज एजेंसी

मनाली। पर्यटन नगरी मनाली में नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने में किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप यातायात समस्या बढ़ने के साथ मनाली में पर्यटकों का ठहराव भी नहीं बढ़ पाया। पर्यटकों की पहली पसंद रोहतांग दर्रा है।
यहां पूरा साल बर्फ देखने को मिलती है। ऐसे ही अन्य स्थल को विकसित किया जाए तो ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। मनाली में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। कोरोना काल को छोड़ दें तो कुल्लू-मनाली में पर्यटकों का आंकड़ा हर साल बढ़ रहा है, लेकिन पर्यटन व्यवसाय अभी भी पुराने ढर्रे पर ही चला है। मनाली के अनछुए पर्यटन स्थल भृगु, दशौहर, हामटा, रानी सुई, चंद्रखणी, लमाढुग आदि स्थान पर्यटन की दृष्टि से विकसित नहीं हो पाए हैं। सड़क और अन्य सुविधाओं के अभाव में बहुत कम संख्या में ही सैलानी यहां आते हैं। हामटा में हालांकि सर्दियों में बर्फ रहती है, लेकिन यदि सड़क कुछ किलोमीटर आगे तक निकाली जाए तो गर्मी में भी यहां बर्फ देखने को मिलेगी। इससे रोहतांग जाने वाले पर्यटक को एक अन्य स्थल मिल जाएगा।
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अनछुए पर्यटन स्थल पर्यटकों की पहुंच से कोसों दूर हैं। मनाली में इस बार समर सीजन रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। जून में समर सीजन के गति पकड़ने की उम्मीद है। रोहतांग दर्रा ही दशकों से पालनहार बना हुआ है। अब अटल टनल ने भी पर्यटकों को आकर्षित किया है। दर्जनों पर्यटन स्थलों को विकसित होने का इंतजार है। देश-विदेश से आने वाले सैलानी इन अनछुए रमणीक स्थलों तक नहीं पहुंच पाते हैं। इससे कुल्लू-मनाली का पर्यटन व्यवसाय काफी हद तक ही सीमित होकर रह गया है। अनछुए पर्यटन स्थल विकसित न होने से रोहतांग दर्रे पर पर्यटकों का दबाव बढ़ा और एनजीटी को हस्तक्षेप करना पड़ा। एनजीटी ने दर्रे में वाहनों की संख्या सीमित कर दी।


नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने में किसी भी सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई। अटल टनल बनने से एक नया स्थल जरूर विकसित हुआ है, लेकिन गर्मी में बर्फ देखना सिर्फ रोहतांग पर ही संभव है। नए स्थलों को विकसित करना जरूरी है। - गोवर्धन शर्मा, पर्यटन कारोबारी
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कुछ साल पहले होटलियर एसोसिएशन ने सरकार से हामटा पास से आगे लगभग पांच किलोमीटर तक सड़क बनाने कि गुजारिश की थी। इससे रोहतांग का पर्यटक बंट सकता है। अन्य पर्यटन स्थलों को भी विकसित किया जाना चाहिए। - मुकेश ठाकुर, निवर्तमान अध्यक्ष, होटलियर एसोसिएशन
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