कुल्लू। पार्वती घाटी इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ से गुलजार हो गई है लेकिन हाथीथान-मणिकर्ण सड़क वाहनों का भारी दबाव नहीं उठा पा रही है। कसोल और मणिकर्ण पहुंचने में पर्यटकों के पसीने छूट रहे हैं। तीन से चार घंटे का जाम पर्यटकों को परेशान कर रहा है। घाटी में रोजाना 1,200 पर्यटक वाहन पहुंच रहे हैं।
मैदानी इलाकों में लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए देशभर के पर्यटकों ने कुल्लू घाटी का रुख कर रहे हैं। मनाली में जहां रोज 25 से 30 हजार सैलानी आ रहे है तो वहीं पार्वती घाटी में भी आठ से 10 हजार पर्यटक पहुंच रहे हैं लेकिन पर्यटकों को भुंतर के हाथीथान से मणिकर्ण पहुंचना एक चुनौती बन गया है।
हाथीथान चौक के बाद जछनी में जाम से दो चार होना पड़ रहा है। इसके बाद सरसाडी, शारनी, जां और कसोल में घंटों जाम में फंस रहे हैं। इन सभी जगहों पर सड़क 2025 की आपदा में तहस नहस हुई और वनवे होने से जाम लग जाता है। खासकर जाम के हालत सुबह और शाम को बन रहे हैं। ऐसे में सैलानियों के लिए धार्मिक नगरी मणिकर्ण और कसोल आना थकाऊ सफर बन रहा है।
स्थानीय निवासी लुदर चंद, बलदेव राज, मोहर सिंह, नरोतम ठाकुर और विजय कुमार ने कहा कि इन पाॅइटों को 10 महीने से लोक निर्माण विभाग ठीक नहीं कर पाया है। इसका खमियाजा ने पर्यटक उठा रहे बल्कि स्थानीय जनता भी त्रस्त है। सड़क को बेहतर यातायात के लिए प्रदेश सरकार व लोक निर्माण को कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने पर्यटन सीजन में पुलिस को भी तैनात करने की मांग की है। एसपी कुल्लू मदन लाल कौशल ने कहा कि संवदेनशील जगहों पर होमगार्ड के जवानों को तैनात किया है।
मनाली में लगी पर्यटक वाहनों की कतारे इन दिनों मैदानी इलाको से पर्यटक पहाड़ो का रूख कर रहे।-संवा
मनाली में लगी पर्यटक वाहनों की कतारे इन दिनों मैदानी इलाको से पर्यटक पहाड़ो का रूख कर रहे।-संवा
मनाली में लगी पर्यटक वाहनों की कतारे इन दिनों मैदानी इलाको से पर्यटक पहाड़ो का रूख कर रहे।-संवा