कुल्लू के ब्यास नदी में जान जोखिम में डालकर उतर रहे पर्यटक। हर साल फोटो के चक्कर में कई पर्यटक
कुल्लू। गर्मियों से राहत पाने के लिए कुल्लू-मनाली पहुंच रहे सैलानी ब्यास की धारा में मस्ती कर रहे हैं। इससे वे अपनी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं।
इसके लिए जिम्मेदार शासन-प्रशासन के अधिकारी खामोशी से तमाशा देख रहे हैं। कई स्थानों पर ब्यास के पानी में महिलाएं और बच्चे भी अठखेलियां कर रहे हैं। प्रशासन और विभाग ने नदी किनारे न उतरने को लेकर कई स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, बावजूद पर्यटक नदी किनारे उतर रहे हैं। उन पर कोई कार्रवाई करता नहीं दिख रहा है।
जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ सटे इलाकों में भी सैलानी ब्यास में उतर रहे हैं जो व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। पूर्व में ब्यास में पर्यटकों के साथ हादसे हो चुके हैं। बार-बार हो रहे हादसों के बाद भी कोई सबक लेता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। ब्यास के साथ पार्वती नदी में भी कई स्थानों पर पर्यटक उतर रहे हैं।
बीते डेढ़ दशक में नदी किनारे उतरने वाले पर्यटकों के साथ हुए हादसों पर नजर डाले तो 150 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद भी प्रशासन और विभाग औपचारिकता निभाता हुआ दिखाई दे रहा है। पर्यटक नदी में उतर कर नियमों की अवहेलना कर रहे हैं।
ब्यास में थलौट के पास 2014 में इंजीनियरिंग के 24 विद्यार्थी बह गए थे। उसके बाद प्रदेश सरकार ने नदी किनारे उतरने वाले पर्यटकों को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए थे। उचित प्रबंध करने को कहा था लेकिन धीरे-धीरे इस हादसे को भुला दिया गया।
यही कारण है कि नदी में उतर कर मस्ती करना पर्यटकों की जान पर भारी पड़ रहा है। उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा के अनुसार पहले ही पर्यटन, पुलिस सहित अन्य विभागों को इस संदर्भ में निर्देश दिए हैं। आने वाले समय में पर्यटक नदी किनारे न उतरें इसके लिए कड़े प्रयास किए जाएंगे।