कुल्लू-मनाली में आपदा के बाइ इन दिनों पर्यटक पहुंच रहे है। ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ
सैलानियों को आकर्षित कर रही है राफ्टिंग
ब्यास किनारे लग रहा सैलानियों का जमघट
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। इन दिनों जिले में पर्यटन कारोबार पटरी पर लौटने लगा है। घाटी में साहसिक गतिविधियां करने को पर्यटक प्राथमिकता दे रहे हैं। ब्यास नदी की लहरों पर पर्यटक रोमांच का सफर कर रहे हैं।
नदी के किनारे राफ्टिंग पॉइंट पर सैलानियों का जमघट लगना शुरू हो गया है। करीब दो सप्ताह से कुल्लू से मनाली के बीच ब्यास की लहरों में चहल-पहल लौट आई है। काफी संख्या में देश के कोने-कोने से आने वाले सैलानी नदी किनारे उतरकर राफ्टिंग गतिविधियां कर रहे हैं। लिहाजा, रविवार को भी रायसन से बबेली और बबेली से बाशिंग के बीच राफ्टिंग स्ट्रैच में सैलानियों ने राफ्टिंग की।
गौरतलब है कि इस बार बरसात के दौरान बाढ़ आने से घाटी में पर्यटन कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ गया था लेकिन अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। सड़क खुल जाने के बाद घाटी में साहसिक पर्यटन गतिविधियां शुरू कर दी गई है। एक तरफ जहां नौ से अधिक साइटों पर पैराग्लाइडिंग गतिविधियां आरंभ कर दी गई हैं तो वहीं ब्यास नदी में राफ्टिंग गतिविधियां भी शुरू होने से घाटी में पर्यटन पटरी पर लौटने लगा है। घाटी में पर्यटकों की संख्या में भी काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। ऐसे में घाटी के पर्यटन कारोबारियों के भी चेहरे खिलने लगे हैं। पर्यटन कारोबारी पवन कुमार, दिनेश सूद, विनय कुमार का कहना है कि अब उनका पर्यटन कारोबार धीरे धीरे बढ़ने लगा है। उनका कहना है कि अब पर्यटन से संबंधित तमाम गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में और अधिक पर्यटकों के घाटी आने की संभावनाएं हैं। इससे घाटी में पर्यटन से जुडे़ कारोबारियों को फायदा मिलेगा।