कुल्लू। मानसून ने देशभर में दस्तक दे दी है। इसके बावजूद कुल्लू-मनाली की वादियां सैलानियों से गुलजार हैं। जुलाई के पहले सप्ताह में भी पर्यटन स्थलों में सैलानियों की रौनक बरकरार है। पर्यटन सीजन चरम पर है। आम तौर पर अप्रैल में शुरू होने वाला समर सीजन जून महीने तक समाप्त हो जाता था। लेकिन कोरोना महामारी के दौर में देश-विदेश के पर्यटक ताजी आबोहवा का आनंद उठाने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे हैं।
अटल टनल रोहतांग से प्रतिदिन करीब पांच हजार वाहन आर-पार हो रहे हैं। वीकेंड पर वाहनों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पर्यटन सीजन इस बार करीब 15 सितंबर तक चलने की उम्मीद है। इसका सीधे तौर पर फायदा कुल्लू-मनाली के होटल कारोबारियों को मिलेगा। गौर रहे कि मनाली के सोलंगनाला, रोहतांग दर्रा, अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल, सिस्सू, बिजली महादेव, नग्गर, मणिकर्ण, मलाणा, शांघड़, जलोड़ी दर्रा, सरयोलसर, जिभी, तीर्थन घाटी में हर दिन पर्यटकों का जमावड़ा लग रहा है। पर्यटकों की चहलपहल बढ़ने से कोरोना के बीच सूने पड़े इन पर्यटन स्थलों में रौनक लौट गई है। पर्यटक वाहनों की संख्या इतनी अधिक है कि भुंतर, कुल्लू व मनाली में जाम भी लग रहा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि पर्यटन सीजन 15 सितंबर तक चलेगा।
मनाली में वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 90 फीसदी तक जा रही है। लेकिन सोमवार से शुक्रवार तक ऑक्यूपेंसी 50 फीसदी रह रही है। कोरोना के बीच पर्यटकों के मनाली का रुख करने से कारोबार पटरी पर लौट रहा है।
-अनिल तनेजा, डीजीएम, पर्यटन विकास निगम