एनजीटी के आदेश के बाद मनाली, सोलंगनाला सहित रोहतांग दर्रे में सैकड़ों लोग पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
समाजसेवी टिकम राम ने एनजीटी से पर्यटन गतिविधियों को दोबारा सुचारु करने का निवेदन किया है। उन्होंने कहा है कि सोलंगनाला, रोहतांग तथा ढुंगरी माता मंदिर आदि पर्यटन स्थलों में होने वाली व्यवसायिक तथा साहसिक गतिविधियां जैसे पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग, घुड़सवारी, रिवर राफ्टिंग, सलैज गाड़ी, ट्यूब स्लैज, कोट बूट, लोकल ड्रेस और गरीब लोगों के छोटे मोट खाने के ढाबे बंद होने से मनाली के आसपास के लोगों के आय के साधन बंद हो गए हैं। इससे उन्हें अपने परिवार का पालन पोषण करना कठिन हो गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी आग्रह किया है कि यहां के प्रभावित लोगों का पक्ष सर्वोच्च न्यायालय और एनजीटी में सही ढंग से प्रस्तुत किया जाए। टिकम राम ने कहा है कि यहां के लोग ग्रीन ट्रिब्यूनल के साथ पर्यावरण बचाने को लेकर अपना पूरा सहयोग देंगे। गत वर्ष सभी संस्थाओं के लोगों ने देवदार तथा काईल के हजारों पौधे लगाए हैं। भविष्य में भी एनजीटी का जो आदेश होगा, उसका तत्परता से अनुपालन किया जाएगा।