खराहल में 20 जनवरी तक रहेगी मकर संक्रांति पर्व की धूम
जूब देने के लिए ससुराल से मायके पहुंच रहीं विवाहित महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय से सटी खराहल घाटी में मकर संक्रांति पर्व सात दिन तक मनाया जाता है। घाटी में संक्रांति के चौथे दिन भी शुक्रवार को भी लोगों ने जूब देकर अपने से बड़ों का आशीर्वाद लिया।
परंपरा के अनुसार छोटे अपने से बड़ी उम्र के भाई, बहनों और बुजुर्गों को जूब (हरी जौ) देते हैं। खराहल सहित कई अन्य क्षेत्रों में महिलाएं जूब देने के लिए अपने मायके पहुंचीं।
20 जनवरी तक खराहल घाटी में मकर संक्रांति की धूम रहेगी। 14 जनवरी से शुरू हुआ यह क्रम अभी जारी है। घाटी में मकर संक्रांति के पर्व को लेकर खुशी का माहौल बना हुआ है। घरों में आने वाले मेहमानों को पारंपरिक पकवान खिचड़ी, भल्ले, सिड्डू आदि परोसे जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण परंपरा का निर्वहन करते हुए देव नियमों के अनुसार अपने आराध्य देवी-देवताओं की भी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। घाटी वासी बुधराम, मोहन, मोहर सिंह, अंशुल, दीया, शिवानी, अंशिका ने कहा कि मकर संक्रांति में बड़े-बजुर्गों को जूब देने की परंपरा है। इसका निर्वहन किया जा रहा है। नौनिहालों से लेकर बुजुर्गों तक सभी परंपरा का निभा रहे हैं। विवाहित महिलाएं अपने ससुराल से मायके पहुंचकर बड़े-बुजुर्गों को जूब देने की परंपरा को निभा रहीं हैं।