कुल्लू। मानव तस्करी, जबरन वेश्यावृत्ति और पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराधों में संलिप्त तीन आरोपियों को विशेष न्यायाधीश कुल्लू प्रकाश चंद राणा की अदालत ने दस-दस साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया है।
दोषियों की पहचान शिव शंकर उर्फ सिकंदर निवासी लालगंज, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश वर्तमान में निवासी जीरकपुर, नितिन जैन उर्फ मन्नू निवासी करनाल, हरियाणा और पीड़ित बच्ची की मां के रूप में हुई है। इन तीनों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376, 370, 370 ए, 506, 120 बी, पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 व 17 और अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम की धाराओं 3, 4 व 6 के तहत दोषी पाया गया है।
जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि यह मामला 29 अप्रैल 2018 को सामने आया था, जब चाइल्ड हेल्पलाइन मनाली की टीम पीड़ित बच्ची को लेकर पुलिस थाना मनाली पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। आरोप था कि पीड़ित बच्ची और अन्य युवतियों को जान से मारने की धमकी देकर जबरन वेश्यावृत्ति के धंधे में धकेला था। पीड़ित बच्ची ने बताया था कि उसकी मां ने ही उसे इस व्यापार में धकेला था, जिसके एवज में आरोपी सिकंदर ने उसकी मां को 40,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था। शिव शंकर उर्फ सिकंदर और नितिन जैन उर्फ मन्नू दोनों मिलकर इस अनैतिक धंधे को संचालित करते थे। इस पर मनाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने चालान कोर्ट में पेश किया था।
पुलिस ने तत्परता से जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए अदालत में 14 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए जिसके परिणामस्वरूप जिला अदालत ने यह फैसला सुनाया है।