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Himachal News: मनाली से 50 किमी कम होगी लेह की दूरी, बनेगी तीन और सुरंगें; जानें विस्तार से क्या कुछ बदलेगा?

Thu, 11 Jun 2026 10:54 AM IST
Ankesh Dogra अशोक राणा, केलांग (लाहौल-स्पीति)।

सार

मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर तीन नई बड़ी सुरंगों की योजना तैयार की जा रही है। प्रस्तावित टनल बारालाचा, लाचुलुंग ला और तंगलंग ला दर्रों के नीचे बनाई जाएंगी। परियोजना का उद्देश्य लद्दाख को पूरे वर्ष सड़क संपर्क उपलब्ध कराना, यात्रा समय कम करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की आवाजाही व रसद आपूर्ति को मजबूत करना है। पढ़ें पूरी खबर...
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मनाली से 50 किमी कम होगी लेह की दूरी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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भारत की सामरिक मजबूती को बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सुरंगों का एक व्यापक जाल बिछाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में, मनाली-लेह सामरिक मार्ग पर तीन नई बड़ी सुरंगों के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, यह महत्वपूर्ण मार्ग वर्षभर यातायात के लिए खुला रहेगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

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सामरिक महत्व और उद्देश्य
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चीन व पाकिस्तान से लगती सीमाओं पर सामरिक तैयारियों को सुदृढ़ करना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है। अटल टनल, जोजिला टनल और प्रस्तावित शिंकुला टनल के अलावा, इन नई सुरंगों का निर्माण इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाएगा। इससे लद्दाख को पूरे वर्ष देश के बाकी हिस्सों से निर्बाध सड़क संपर्क उपलब्ध हो सकेगा, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति या सैन्य अभियान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रस्तावित सुरंगों का विवरण
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं जोजिला टनल के ब्रेकथ्रू कार्यक्रम के दौरान मनाली-लेह मार्ग पर इन तीन नई रणनीतिक सुरंगों की योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये सुरंगें हिमाचल प्रदेश के बारालाचा, लाचुलुंग ला और लद्दाख के तंगलंग ला दर्रों के नीचे बनाई जाएंगी।

बारालाचा दर्रा: इस दर्रे के नीचे लगभग 13 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जाएगा। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अक्तूबर 2026 तक तैयार होने की संभावना है और अनुमानित लागत 8,800 करोड़ रुपये आंकी गई है।

लाचुलुंग ला दर्रा: यहां लगभग 11 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण होगा, जिसकी अनुमानित लागत 4,500 करोड़ रुपये है। इसकी डीपीआर दिसंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।

तंगलंग ला दर्रा: लद्दाख में स्थित इस दर्रे के नीचे लगभग पांच किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 2,250 करोड़ रुपये है। इसकी डीपीआर मार्च 2027 तक तैयार होने की संभावना है।
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दूरी में कमी और वर्षभर कनेक्टिविटी
मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारालाचा, लाचुलुंग ला और तंगलंग ला जैसे दर्रे अपनी ऊंचाई और अत्यधिक बर्फबारी के कारण अक्सर आवागमन के लिए बंद हो जाते हैं। इन दर्रों के नीचे बनने वाली सुरंगें न केवल इन बाधाओं को दूर करेंगी, बल्कि यात्रा के समय को भी काफी कम करेंगी। हालांकि, लेख में स्पष्ट रूप से 50 किलोमीटर की दूरी में कमी का उल्लेख किया गया है, लेकिन इसका सटीक गणितीय विवरण सुरंगों के अंतिम डिजाइन और संरेखण पर निर्भर करेगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से लेह तक की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो जाएगी, साथ ही सामरिक रसद की पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
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