गांव के लोगों ने एसडीएम काे ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की उठाई मांग
बोले- कसोल से ग्राहण के बीच बन रहे हैं पांच-पांच मेगावाट के दो प्रोजेक्ट
कहा- विस्फोटों से 20 घरों को खतरा, भूस्खलन की जद में आ सकता है गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के कसोल से ग्राहण के बीच पांच-पांच मेगावाट के दो हाइड्रो पावर प्रोजेक्टों का निर्माण कार्य चल रहा है।
टनल निर्माण के लिए किए जा रहे विस्फोट से ठूंजा गांव को खतरा पैदा हो गया है। इससे ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। टनल निर्माण के कारण भूस्खलन से ठूंजा गांव के 20 से अधिक मकानों को खतरा हो गया है। ग्रामीणों ने उपमंडल अधिकारी कुल्लू को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पावर प्रोजेक्ट के टनल निर्माण के कारण भूस्खलन से गांव पर उजड़ने का खतरा मंडरा रहा है। खेत- खलिहानों को भी नुकसान पहुंच रहा है। टनल के निर्माण का कार्य नहीं रोका गया तो पूरा गांव भूस्खलन की चपेट में आ सकता है। इससे ग्रामीणों को पलायन करना पड़ेगा। स्थानीय निवासी महेश्वर सिंह और युवक मंडल के प्रधान चेतराम ने कहा कि मणिकर्ण घाटी के कसोल से ग्राहण के बीच पांच-पांच मेगावाट के पावर प्रोजेक्टों का निर्माण किया जा रहा है। टनल ठूंजा गांव के नीचे से निकाली जा रही है जिसमें हर रोज विस्फोट किया जा रहा है। घर्षण के कारण भूमि और मकान हिल रहे हैं। टनल निर्माण के कारण भूस्खलन भी जारी है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है।