उत्सव समिति ने 12 दिन और बढ़ाया समय, चल रही प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया
स्थानीय बाजार के लिए भी चुनौती बन सकता है समय बढ़ाने का नया बदलाव
गौरीशंकर
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव इस बार पहले से भी लंबा चलेगा। बाजार की रौनक 32 दिनों तक बिखरेगी। दशकों से सीमित 20 दिन के बाजार को अब 12 दिन और बढ़ाया गया है।
इससे कारोबारियों को नए मौके मिलेंगे। खरीदारों के लिए भी उत्सव और रंगीन होगा। यह नया बदलाव स्थानीय बाजार के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। कुल्लू दशहरा अब सिर्फ त्योहार नहीं, कारोबार का भी बड़ा मेला बनने जा रहा है। उत्सव समिति ने बाजार के प्लाॅट 32 दिनों तक लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। दो से आठ अक्तूबर तक चलने वाले दशहरा के लिए समिति इन दिनों प्लाॅट आवंटित कर रही है। समिति ने प्रदर्शनी मैदान में चार जर्मन हैंगर स्थापित करने के लिए लगाए टेंडर में 32 दिनों तक बाजार लगने का जिक्र किया है।
पहले बीस, फिर 27 और अब 32 दिनों तक सजेगा बाजार
दशहरा में इससे पहले दशकों तक हर साल बीस दिनों के लिए बाजार सजता रहा है। प्लाॅटों की नीलामी भी बीस दिनों के लिए होती थी। वर्ष 2024 में 27 दिनों तक बाजार लगाने का फैसला हुआ। इस बार हाट-बाजार सजाने के लिए 32 दिनों का समय दिया जा रहा है। दो सालों में दशहरा उत्सव में बाजार लगाने के लिए 12 दिन बढ़ाए गए हैं।
खरीदारों और कारोबारियों के लिए फायदेमंद
दुकानें लगाने के लिए 32 दिन निर्धारित करने से कारोबारियों को कारोबार करने के लिए अधिक समय मिलेगा, वहीं खरीदारों के लिए भी सस्ती मार्केट उपलब्ध होगी। स्थानीय बाजार के लिए यह घाटे का सौदा होगा। पिछली बार शहर के कारोबारियों ने अस्थायी बाजार का समय ज्यादा समय तक लगाने का विरोध किया था। इस बार स्थानीय कारोबारियों और दुकानदारों का क्या रुख होगा, यह आने वाले दिनों में पता चल पाएगा।
इस बार दो अक्तूबर तक प्लाॅटों का आवंटन
इस बार दशहरा उत्सव के लिए कारोबारियों को दो अक्तूबर तक प्लाॅटों का आवंटन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया 18 सितंबर से शुरू हुई है। अधिकतर मार्केट उत्सव शुरू होते ही शुरू होगी। नई रेडिमेड गारमेंट्स और बर्तन मार्केट के पीछे का बाजार दशहरा उत्सव संपन्न होने के बाद 9 से शुरू होगा।