अधिसूचना जारी नहीं होने से अभी लागू नहीं हो पाया सरकार का नया फैसला
लोग बोले- अस्पतालों में पंजीकरण, टेस्ट शुल्क लेने से गरीबों पर पड़ेगा बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण और टेस्ट शुल्क वसूलने के फैसले से मरीजों की जेब पर कैंची चलेगी। हालांकि, अभी इस बारे में अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। जिले के सरकारी अस्पतालों में अभी तक पुरानी व्यवस्था के तहत ही मरीजों को उपचार की सुविधा दी जा रही है।
अस्पतालों में शनिवार को पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही मरीजों का पंजीकरण और टेस्ट निशुल्क हुए। इससे मरीजों को राहत मिली है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन अधिसूचना का इंतजार कर रहा है। अधिसूचना जारी होते ही सरकार के निर्देशों के अनुसार नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
उधर, मरीजों और आम जनता ने सरकार के इस फैसले को न्यायसंगत नहीं बताया है। अशोक, रामलाल, अभिमन्यु, राकेश, मोनिका, शालिनी, अंजलि ने कहा कि सरकार ने इस फैसले से जनता को परेशानी में डाल दिया है। इससे सरकारी अस्पतालों में उपचार करवाने वाले मरीजों को अब आर्थिक संकट से जूझना पड़ेगा। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज करवाना महंगा पड़ेगा। अस्पतालों में पंजीकरण और टेस्ट के लिए मरीजों को निशुल्क सुविधा मिल रही थी। खासकर मध्यम और गरीब तबके के लोगों के लिए यह बड़ी राहत थी, लेकिन इस फैसले से समस्या बढ़ जाएगी। कहा कि सरकार की ओर से पंजीकरण और टेस्ट का शुल्क लेने का फैसला जनता पर बोझ डालेगा। सरकार को निर्णय पर विचार करना चाहिए। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि कुल्लू के अस्पतालों में अभी पुरानी व्यवस्था से मरीजों का उपचार चल रहा है। सरकार और स्वास्थ्य निदेशालय से अभी पंजीकरण या टेस्ट शुल्क की कोई अधिसूचना नहीं मिली है।