जल शक्ति विभाग, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य विभागों ने शुरू किया बहाली का काम
ब्यास नदी में पानी कम होने के बाद तटीकरण का कार्य भी होगा आसान
बलदेव राज
कुल्लू। आपदा की तबाही के बाद अब कुल्लू में उम्मीदें आकार ले रही हैं। राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आ गई है। जल शक्ति विभाग ने पेयजल योजनाओं की मरम्मत शुरू कर दी है जबकि लोक निर्माण विभाग सड़कों और सुरक्षा दीवारों को दुरुस्त करने में जुट गया है।
बरसात थमने के बाद जिले में राहत एवं पुनर्वास कार्यों ने गति पकड़ ली है। जल शक्ति विभाग ने बारिश से क्षतिग्रस्त हुईं पेयजल योजनाओं को ठीक करना और लोक निर्माण विभाग ने सड़कों में डंगे लगाने के साथ अन्य कार्य शुरू कर दिया है।
हालांकि आपदा के दौरान बाधित हुईं अधिकतर सड़कें बहाल की जा चुकी हैं। कई सड़कों पर बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हुई है। जल शक्ति विभाग पिछलीहार, हुरंग, सलिंग्चा, मनाली शहर की पेयजल योजना, बंदरोल-ब्यासर की पेयजल योजना, काईस क्षेत्र के तहत धाराघोट पेयजल योजना, फोशन की एफआईएस स्कीम, कराड़सू के तहत पधरू पेयजल योजना, अरछंडी, अलेउ-चचोगा पेयजल योजना को दुरुस्त करने का काम करेगा। ब्यास नदी की बाढ़ से रायसन बस्ती को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने का काम शुरू हो गया है। आठ करोड़ 73 लाख से 350 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाई जा रही है। विभाग ने यह कार्य फरवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। लोक निर्माण विभाग के मेकेनिकल विंग ने मनाली के मनालसू नाला में 11 लाख से बनने वाले बैली ब्रिज के टेंडर आमंत्रित किए हैं।
दूसरी ओर, मनाली से बजौरा तक जगह-जगह तटीकरण का काम किया जाना है। ब्यास का जलस्तर बरसात के बाद कम हो गया है। ऐसे में तटीकरण का काम भी आसान होगा। जिला मुख्यालय स्थित खोरीरोपा में पांच करोड़ से सरवरी खड्ड पर बन रही दीवार का काम तेजी से चल रहा है। पंचायतों में भी बजट मिलने के बाद काम शुरू हो गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में कार्यों ने गति पकड़ ली है। चौकीडोभी पंचायत में हरगणधार के पास बारिश से क्षतिग्रस्त रास्ते को पंचायत ने ठीक कर दिया है। उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि आपदा के बाद राहत पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।