तीन साल बाद भी खामोश खड़ा है पर्यटन को नई उड़ान देने के नाम पर बनाया वाटर स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट
संचालन शुरू न होने से टूट-फूट और चोरी का हो गया शिकार, अब 25 लाख से होगी मरम्मत
गौरीशंकर
कुल्लू। पर्यटन को नई उड़ान देने के नाम पर जिस वाटर स्पोर्ट्स प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए, वह तीन साल बाद भी खामोश खड़ा है।
लारजी में बना यह प्रोजेक्ट न तो पर्यटकों को आकर्षित कर पाया और न ही एक रुपये की कमाई कर सका। उल्टा, संचालन शुरू होने से पहले ही यह प्रोजेक्ट टूट-फूट और चोरी का शिकार हो गया है। इसके चलते अब इसकी मरम्मत पर फिर से 25 लाख रुपये खर्च करने की तैयारी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार वाटर स्पोर्ट्स सेंटर और कैफेटेरिया भवन के शीशे और खिड़कियां-दरवाजे शरारती तत्वों ने तोड़ दिए हैं। इन्हें ठीक करना जरूरी है। बरसात के दौरान भी प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में वाटर स्पोर्ट्स सेंटर को संचालित करने के उद्देश्य से मरम्मत करना जरूरी है।
जिला प्रशासन, पर्यटन विकास विभाग और जिला वाटर स्पोर्ट्स एंड एलाइड एक्टिविटी सोसायटी ने मरम्मत कार्य करने के लिए 25 लाख के बजट का प्रावधान किया है। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। धन निर्माता एजेंसी को सौंप दिया गया है।
वीरान पड़ा रहा सेंटर, फर्नीचर हो गया गायब
कुछ महीने पहले इस सेंटर में चोरी की घटना का भी खुलासा हुआ है। इसमें फर्नीचर सहित कई चीजें गायब पाई गईं। खिड़कियां-दरवाजे और शीशे भी टूटे-फूटे पाए गए थे। लंबे समय तक इसका संचालन करने के लिए किसी भी व्यक्ति के रुचि न दिखाने से यह सेंटर वीरान पड़ा रहा।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनाया था
लारजी बांध में वाटर स्पोर्ट्स सेंटर और कैफेटेरिया को कुल्लू और बंजार घाटी की ओर आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से बनाया गया है लेकिन तीन वर्षों में इस केंद्र को शुरू ही नहीं किया जा सका है। ऐसे में पर्यटकों को आकर्षित करने वाली यह योजना अभी तक अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाई है।
लारजी वाटर स्पोर्ट्स सेंटर की मरम्मत के लिए 25 लाख के बजट का प्रावधान किया गया है। इसको लेकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद मौके पर कार्य शुरू होगा ताकि अपने वाले समय में इसके संचालन के लिए होने वाले टेंडर से पहले इसे ठीक किया जा सके। - रोहित शर्मा, पर्यटन विकास अधिकारी कुल्लू