कुल्लू में देवता वीरनाथ गौहरी देव परिक्रमा के दौरान दर्शन करते श्रद्यालू।-संवाद
कुल्लू। ढालपुर क्षेत्र के आराध्य देवता वीरनाथ गौहरी सोमवार को क्षेत्र की परिक्रमा पर निकले हैं। देवता की धार्मिक यात्रा बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को समाप्त करने तथा क्षेत्र में सुख-शांति और लोक कल्याण की कामना के उद्देश्य से की जाती है।
देवता के कारदार राजकुमार ने बताया कि शनौली साजा के अवसर पर देवता वीरनाथ गौहरी मंदिर से बाहर निकलकर क्षेत्र की परिक्रमा करते हैं। इस दौरान लोअर ढालपुर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु देवता के दर्शन करते हैं। देवता की यह परिक्रमा पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों में होती है। उन्होंने बताया कि देर शाम देवता अपने मंदिर में वापस पहुंचते हैं। इसके बाद देव परंपरा के अनुसार विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया जाता है। मान्यता है कि इस अनुष्ठान के माध्यम से क्षेत्र में व्याप्त बुरी शक्तियों और नकारात्मक प्रभावों को दूर किया जाता है। स्थानीय लोग इसे देव शक्ति के जागरण और क्षेत्र की रक्षा का प्रतीक मानते हैं।
राजकुमार ने बताया कि इस परंपरा के तहत मंगलवार को महंत बेहड़ में देवता के आदेश पर बिच्छू बूटी का पारंपरिक खेल भी खेला जाएगा। देवता के गूर बिच्छू बूटी के माध्यम से देव परंपरा का निर्वहन करेंगे। देवता वीरनाथ गौहरी की यह वार्षिक परिक्रमा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सदियों पुरानी देव परंपरा और लोक आस्था से भी जुड़ी हुई है। संवाद