खराहल (कुल्लू)। घाटी के अधिष्ठाता देवता माहुटी नाग के सम्मान में मंगलवार को कोट गांव में फागली उत्सव मनाया गया। होली पर्व के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने देवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
बर्फ के गोले के साथ देव खेल की परंपरा का निर्वहन हुआ। इससे पहले पूर्वाह्न 11:30 बजे देवता माहुटी नाग भंडार से ढोल, नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों के बीच बाहर निकले। इसके बाद देवता भंडार से कुछ दूरी पर बने मंदिर में पहुंचे। मंदिर में पहुंचने पर देवता बिजली महादेव के गूर और देवता माहुटी के गूर ने देवखेल की। सबसे आखिर में देवता माहुटी नाग के गूर ने बर्फ के गोले से देव खेल कर परंपरा निभाई।
बर्फ के गोले के साथ देव खेल का अपना महत्व है।
देव कारकूनों का कहना है कि देव खेल के दौरान जिस दिशा में बर्फ का गोला गिरा है, उस दिशा में ओलावृष्टि से फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका रहती है। इस बार उत्तर दिशा में बर्फ का गोला गिरा है। देवता माहुटी नाग के कारदार लाल चंद ठाकुर ने कहा कि इस बार फागली में पिछले साल की अपेक्षा अधिक लोगों ने मंदिर में शीश नवाया।
देवता माहुटी नाग अपने हारियानों और श्रद्धालुओं की मुसीबतों का हल करते हैं। यह बारिश के देवता हैं। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।