कुल्लू की गलियों और चौराहों से गुजरना हुआ मुश्किल, राहगीरों पर झपट रहे कुत्ते
शहर में लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन गए हैं करीब 500 से अधिक लावारिस कुत्ते
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। नगर परिषद क्षेत्र में इन दिनों लावारिस कुत्तों का आतंक है। गलियों और चौक-चौराहों पर झुंडों में घूम रहे कुत्ते रात के सन्नाटे को डर में बदल रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि लोग देर शाम घर लौटने से कतराने लगे हैं जबकि व्यवस्था मौन है। शहर में करीब 500 से अधिक लावारिस कुत्ते लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौती बन गए हैं।
खासकर रात के समय शहर की गलियों से गुजरना मुश्किल हो जाता है। अकसर लंबे रूट की बसों में सफर कर देर रात को जिला मुख्यालय पहुंचने वाले लोगों के लिए ये लावारिस कुत्ते परेशानी बने हुए हैं। ये कुत्ते देर रात और सुबह सबेरे गलियों से गुजरने वाले लोगों पर झपट रहे हैं। कई लोगों पर हमला भी कर चुके हैं। अस्पताल से लेकर महाविद्यालय के गेट तक लोगों का आना-जाना मुश्किल भरा हो गया है। ढालपुर, लोअर ढालपुर, सरवरी, ब्यासा मोड़, अखाड़ा बाजार, लोरन, सुल्तानपुर, रामशिला, हनुमानी बाग, गांधीनगर, शास्त्रीनगर, टिकरा बाबड़ी, मियां बेहड़, महंत बेहड़, बाला बेहड़, शीशामाटी, चामुंडानगर सहित नगर परिषद के 11 वार्डों की गलियों में लावारिस कुत्ते परेशानी बने हुए हैं। इनसे लोगों की सुरक्षा को लेकर इंतजाम नहीं किए गए हैं। न ही कुत्तों को सुरक्षित जगह रखने के लिए प्रशासन ने प्रबंध किए हैं।
शहर में लावारिस कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन, नगर परिषद को कड़े प्रयास करने की जरूरत है। लोगों की सुरक्षा के साथ कुत्तों को भी सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध करवाना चाहिए। - मनोज शर्मा, कुल्लू
शहर में लावारिस कुत्तों ने परेशान कर रखा है। कई बार लोगों पर हमला कर देते हैं। छोटे बच्चों पर भी हमले की घटनाएं सामने आई हैं। कुत्ते दो पहिया वाहन चालकों पर भी झपटते हैं। - राज ठाकुर, कुल्लू