जिले की लगघाटी के कई धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक नहीं है सड़क की सुविधा
पैदल रास्तों की हालत खस्ता, ट्रैकिंग रूट भी बदहाल, विकास के नहीं हो पाए प्रयास
सरकार और प्रशासन ने भी नहीं ली पर्यटन स्थलों को मानचित्र पर लाने की कोशिश
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ लगती झीलों और मंदिरों की घाटी पर्यटकों की पहुंच से कोसों दूर है। घाटी में कई ऐसे अनछुए धार्मिक और पर्यटन स्थल हैं, जो अभी सड़क से नहीं जुड़े हैं। न ही धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक जाने वाले पैदल रास्तों की सुध ली गई है।
घाटी के सभी ट्रैकिंग रूट खस्ता हाल हैं। इस वजह से धार्मिक और पर्यटन स्थल पर्यटकों और श्रद्धालुओं की नजरों से ओझल चल रहे हैं। पथरीले और खतरनाक हो चुके रास्तों के कारण इन स्थलों तक पहुंचना आसान नहीं है। लगघाटी को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार, प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से कोई खास प्रयास नहीं हुए हैं।
लगघाटी को सौर यानी झील की घाटी कहना गलत नहीं होगा। घाटी की पर्वत मालाओं पर दर्शनीय झीलें, वाटर फॉल, मंदिर और दर्शनीय स्थल हैं। इन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की आवश्यकता है। इनके विकसित होने से कुल्लू-मनाली घूमने आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को कई नए पर्यटन और धार्मिक स्थल मिलेंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। युवाओं को घर-द्वार के पास आर्थिकी को मजबूत करने का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। घाटी की सड़कों की दशा ठीक नहीं है। न ही इन पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए ट्रैक रूट की दशा ठीक है। इससे पर्यटक इन पर्यटन स्थलों तक नहीं जा पाते हैं।
लगघाटी के दुर्गम धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए पैदल रास्तों को सुधारा जाना जरूरी है। धार्मिक स्थलों तक जाने वाले रास्ते खस्ताहाल हैं। पर्यटक और श्रद्धालुओं की पहुंच से ये स्थान रास्ते ठीक न होने से दूर हैं। - नागरू, स्थानीय ग्रामीण
लगघाटी के धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक सड़क न होना विकास में बड़ा रोड़ा है। धार्मिक पर्यटन की लगघाटी में बहुत संभावनाएं हैं, लेकिन इन स्थलों तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में सकारात्मक पहल न होना चिंता का विषय है। -बोध राज
लगघाटी में ये हैं दर्शनीय स्थल
लगघाटी में पर्यटकों के लिए बहुत से दर्शनीय स्थल हैं। इनमें मठा सौर, डायना सौर, सरूणी सौर, सोरी सौर, फूंगणी सौर शामिल हैं। धार्मिक स्थलों में कड़ैनी डेहरी, गोरूडूग, लोहड़ी-आछरी, तियून माता फूंगणी मंदिर, कृष्ण मंदिर भल्याणी है। पर्यटन स्थलों में नाक्स वाटरफॉल, धारा और लगघाटी में ही जिला कुल्लू और मंडी की सीमा पर स्थित बहुचर्चित भुभू जोत भी है। घाटी के पर्यटक स्थल काईसधार तक ही इको ट्रेल की सुविधा है।