मनाली। कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे तीन पर जगह-जगह हो रहे भूस्खलन के स्थायी समाधान के लिए एनएचएआई ने विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत बिंदु ढांक, रायसन और वोल्वो बस स्टैंड के समीप ब्यास नदी के किनारे आरसीसी सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी। साथ ही बिंदु ढांक में पहाड़ को काटकर भी सड़क चौड़ी की जाएगी। इसके लिए 85 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद बरसात में बार-बार सड़क अवरुद्ध होने से निजात मिलेगी।
कुल्लू से मनाली तक नेशनल हाईवे को वर्ष 2023 की बाढ़ से भारी नुकसान हुआ था। बिंदु ढांक, रायसन और वोल्वो बस स्टैंड के समीप सड़क नदी में बह गई। एनएचएआई ने सड़क को यातायात के लिए बहाल तो कर दिया है लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ब्यास का जल स्तर बढ़ने पर यहां पानी सड़क पर आने लगता है। बिंदु ढांक में इसी बरसात में दो बार सड़क धंस गई है। हालांकि यातायात बहाल कर दिया गया है लेकिन एकतरफा यातायात के कारण जाम की समस्या पैदा हो रही है। इससे निजात दिलाने के लिए एनएचएआई ने विशेष प्रोजेक्ट तैयार कर मंजूरी के लिए केंद्रीय अधिकारियों को भेजा था। अब यह प्रोजेक्ट मंजूर हो गया है।
प्रोजेक्ट के तहत रायसन में आरसीसी दीवार लगाकर सड़क को चौड़ा किया जाना है। यहां लगभग 300 मीटर के दायरे में बाढ़ से नुकसान हुआ है। वोल्वो बस स्टैंड से भूतनाथ मंदिर तक भी भारी क्षति हुई है। यहां कहीं पर सड़क फोरलेन है तो कही डबललेन है। इसे फोरलेन किया जाना है। इसके लिए ब्यास के तट पर आरसीसी दीवार लगाई जाएगी। बिंदु ढांक में भी बार-बार सड़क धंसने की समस्या से निजात पाने के लिए सुरक्षा दीवार लगाई जानी है। साथ ही सड़क को चौड़ा करने के लिए पहाड़ी को काटा जाएगा। इन तमाम कार्यों के लिए लगभग 85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि प्रोजेक्ट मंजूर हुआ है। इसके टेंडर भी हो गए हैं। अब सिर्फ टेंडर अवार्ड होने का इंतजार है। इसके बाद कार्य शुरू किया जाएगा।