दो पंचायतों के 5,000 लोगों को सैंज आने के लिए लेना पड़ रहा छोटे वाहनों का सहारा
सैंज-सियुंड-रैला सड़क की दशा खराब, छह महीनों से लोगों को नहीं मिल रही बस सेवा
लोगों का आरोप- कई बार अधिकारियों से भी की मुलाकात, नहीं हुआ समस्या का समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। घाटी की दो पंचायतों के 5,000 लोगों को सैंज बाजार आने के लिए छोटे वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सैंज-सियुंड-रैला मार्ग में छह महीनों से खराब सड़क की बजह से बस सेवा नहीं मिल रही है।
अब सर्दी की बारिश में भी भूस्खलन से सड़क छोटे वाहनों के लिए घंटों तक बंद रही। बुधवार को लोगों ने खुद इसे बहाल किया। सड़क और बस सेवा से संबंधित क्षेत्र के लोग कई बार एसडीएम बंजार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
सियुंड से विहाली तक सड़क की दशा सबसे ज्यादा खराब है। इसके चलते वड़े वाहन गुजर नहीं सकते। मजबूरन लोगों को छोटे वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। यात्रियों से छोटे वाहन में 100 रुपये से अधिक किराया प्रति सवारी किराया देना पड़ रहा है। अगर कोई बीमार हो जाए या फिर जरूरी काम के लिए वाहन करना है तो 800 रुपये देने पड़ रहे हैं।
आपदा के दौरान जून और जुलाई में 18 किलोमीटर लंबे सैंज-सियुंड-रैला मार्ग को जगह-जगह नुकसान पहुंचा है। इसके बाद छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए मार्ग को तीन महीने बाद ठीक किया गया लेकिन सियुंड पावर हाउस से शरण विहाली तक सड़क पर कोई भी कार्य शुरू नहीं हुआ है।
यह मार्ग 2 पंचायतों के लोगों को फायदा पहुंचाता है लेकिन सात महीने से बस सेवा नहीं मिल रही है। इससे लोगों को काफी समस्या हो रही है। इसको लेकर सरकार, विभाग और प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। -गेहर सिंह स्थानीय निवासी
प्रशासन और विभाग क्षेत्र के लोगों की आवाज को नहीं सुन रहा है। सरकार से आग्रह है कि इस सड़क की स्थिति में सुधार करें ताकि क्षेत्र के लोगों को बस सुविधा का फायदा मिल सके। -योग राज धामी स्थानीय निवासी