वीकेंड पर भी मनाली, कसोल, बंजार में खाली चल रहे अधिकतर होटल
कुल्लू के होटलों में मुश्किल से 10 फीसदी तक ही पहुंच रही ऑक्यूपेंसी
चहल-पहल भी गायब, छूट देने के बाद भी पर्यटन स्थलों में नहीं आ रहे पर्यटक
बलदेव राज
कुल्लू। बरसात के चलते कुल्लू के पर्यटन स्थलों से रौनक गायब है। मनाली, कसोल, बंजार में वीकेंड पर भी अधिकतर होटल खाली चल रहे हैं। मुश्किल से होटलों में ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी तक जा रही है।
जून के दूसरे पखवाड़े के बाद शुरू हुई बरसात का क्रम अगस्त में भी जारी है। कुल्लू में बादल फटने और मंडी में आई आपदा का असर पर्यटन कारोबार पर भी देखने को मिला। होटलों में बुकिंग के लिए पूछताछ फिलहाल पर्यटक नहीं कर रहे हैं।
मणिकर्ण घाटी में विदेशी पर्यटकों के पसंदीदा स्थल कसोल में चहल-पहल नहीं है। पर्यटन सीजन के दौरान यहां खूब रौनक रहती थी। यही हाल मनाली का है। जुलाई में होटलों में 20 से 40 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही थी। बावजूद इसके मनाली में पर्यटकों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। दूसरी ओर, पर्यटन सीजन मंदा होने से टैक्सी ऑपरेटर से लेकर अन्य कारोबारी प्रभावित हो रहे हैं। टैक्सी ऑपरेटरों को मुश्किल से सवारियां मिल रही हैं। कारोबार फीका होने से उन्हें किस्त पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है। टैक्सी चालक निशांत ने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर ही सबको फायदा होता है।
हालांकि अगस्त में कारोबार में इजाफा होने की उम्मीद है। 15 सितंबर से जिले में साहसिक गतिविधियां भी शुरू हो जाएंगी। इसके बाद अक्तूबर में दशहरा भी आयोजित होगा। सितंबर में पर्यटन कारोबार के गति पकड़ने की उम्मीद है।
ऑक्यूपेंसी महज 10 फीसदी तक रह गई है। भारी बारिश से प्रदेश में कई जगहों पर नुकसान हुआ। इसका असर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों पर पड़ा है। - कैप्टन किशन चौहान, अध्यक्ष, जिभी वैली टूरिज्म डेवलपमेंट एसोसिएशन