नदी के तटीकरण की मांग को प्रोजेक्ट प्रबंधन कर रहा अनसुना
अब प्रदर्शनकारियों ने 31 जनवरी तक का दिया अल्टीमेटम
पंचायत के 398 परिवार दे चुके हैं उपायुक्त को निवेदन पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज (कुल्लू)। आपदा के दौरान तलाड़ा पंचायत के लोगों के घर, जमीन को हुए नुकसान के बाद भी एनएचपीसी लोगों की फरियाद को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
इसको लेकर सोमवार को तलाड़ा पंचायत के लोग परियोजना प्रबंधन के खिलाफ सड़क पर उतरे और नारेबाजी की। पंचायत के उप प्रधान सुभाष ठाकुर ने कहा कि बार-बार आग्रह करने के बाद भी प्रबंधन कोई उचित कार्रवाई नहीं कर रहा है। पंचायत के 298 परिवार अपने नुकसान की जानकारी और सुरक्षा के इंतजाम करने को लेकर लिखित पत्र भी उपायुक्त को सितंबर में सौंप चुके हैं लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से भी कोई गंभीर कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में अब हमारे पास सड़क पर उतरने का ही विकल्प बचा है।
सुभाष ठाकुर ने कहा कि हालांकि इससे पहले नवंबर में भी पंचायत वासियों की ओर से परियोजना प्रबंधन के खिलाफ धरने देने का कार्यक्रम था लेकिन उस दौरान परियोजना प्रबंधन की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि वह जल्द उनकी समस्या का समाधान करेंगे लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में अब एक आखिरी अल्टीमेटम दिया जा रहा है। अगर 31 जनवरी तक परियोजना प्रबंधन ने नदी का तटीकरण शुरू नहीं किया तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बरसात से हुए नुकसान का हवाला देते हुए कहा कि एनएचपीसी प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही नदी का पानी तलाड़ा पंचायत की ओर मुड़ा है और भूमि कटाव होने से पंचायत में लोगों के घर खतरे में पडे़ और कई घरों और जमीन को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि पंचायत के न्यूल, टीलरा, कठाईर, सारी, शडऊण, जूही, कांडा, धारा, टोटहिडा, टिपरीधार, बिहाली, खनोरु, पनहवी आदि गावों के 85 रिहायशी मकान बरसात में क्षतिग्रस्त हो गए हैं जबकि, करीब 50 मकानों में दरारें आ गई हैं जो गिरने की कगार पर हैं।
उन्होंने एनएचपीसी को दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक पार्वती पावर स्टेशन चरण-3 तलाड़ा गांव से गांव तक सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य नहीं करती है, तब तक पंचायत प्रतिनिधि तथा आम जनता पीछे नहीं हटेगी।