देवी-देवताओं के महाकुंभ की तैयारियों में जुटे कारकून
331 देवी-देवताओं को भेजा है निमंत्रण
अमी चंद भंडारी
खराहल (कुल्लू)। विश्व प्रसिद्ध दशहरा के लिए देवी-देवताओं के साजो-सामान संवारने की कवायद शुरू हो गई है। इन दिनों देवलू और कारकून अपने देवताओं के साजो-सामान को सजाने संवारने में जुटे हैं।
दशहरा उत्सव कमेटी की ओर से भी इस बार पुख्ता इंतजाम करने के लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि कुल्लू की अठारह करडू सौह में हर साल भगवान रघुनाथ से सैकड़ों देवी-देवता भव्य मिलन करते हैं।
इस देवी-देवताओं के महाकुंभ दशहरा में देवता बिजली महादेव, माता हिडिंबा, देवता जुआणी महादेव, देवता खुडीजल, देवता त्रियुगी नारायण, आदि ब्रह़मा, बंजार के देवता शृंगा ऋषि, देवता बालूनाग, माता दशमी वारदा, देवता ब्रिंडू, बनोगी नाग, राउगी नाग समेत बंजार, आनी और निरमंड के सैकड़ों देवी-देवता रघुनाथ से मिलन की परंपरा को एक साल बाद दोहराएंगे। बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल और जुआणी महादेव के कारदार ओम प्रकाश महंत ने कहा कि देवलू और कारकून दशहरा उत्सव के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। सामान की भी मरम्मत की जा रही है। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोतराम ठाकुर ने कहा कि देवी-देवताओं के साजो-सामान सजाने में देवलू लगे हैं। दूर दराज के देवी-देवताओं ने अपनी यात्रा दशहरा के लिए शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव में उपयोग होने वाले देवताओं के सामान दुरुस्त किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बार 331 देवी-देवताओं को प्रशासन ने निमंत्रण भेजा है।