जीवा नाला में बादल फटने से आई बाढ़ से पल भर में बह गए पुल
सात पंचायतों का संपर्क कुल्लू से कटा, सड़क को भी पहुंची क्षति
दहशत में आ गए घाटी के लोग, याद आ गया वर्ष 2023 वाला मंजर
महेंद्र पालसरा
सैंज/न्यूली (कुल्लू)। घाटी के लोग अभी 2023 में हुई आपदा की तबाही से उबरे भी नहीं थे कि इस बार फिर से नदी कहर बनकर बरपी है। बुधवार को सैंज घाटी के जीवा नाला में बादल फटने से मलबा और पानी भारी मात्रा में आ गया, दूसरी तरफ से न्यूली नाला में भी बाढ़ आ गई।
इससे पिन पार्वती नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। इससे क्षेत्र में एक बार फिर तबाही मच गई। जीबा नाला, न्यूली खड्ड के साथ पिन पार्वती नदी पर बने पैदल बने पुल बह गए। इससे क्षेत्र के लोगों का संपर्क कट गया है। सड़क को भी नुकसान पहुंचा है। घाटी की सात पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय कुल्लू से कट गया है। घाटी की शैंशर, शांघड़, देहुरीधार, गाड़ापारली, रैला-1 और रैला-दो पंचायतें पूरी तरह से कट गई हैं।
क्षेत्र वासियों का कहना है कि इस बार भी दो साल पहले आई बाढ़ की तरह का भयावह दृश्य था नदी में आया मलबा और पानी सबकुछ समेटकर अपने साथ लेता जा रहा था, जिससे लोग पूरी तरह से सहम उठे हैं।
फसलों को मंडियों में पहुंचाने की चिंता
क्षेत्र का संपर्क कट जाने से सात पंचायत के लोगों के खेतों में तैयार फल और सब्जी उत्पादन को मंडियाें तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। लोगों का कहना है कि जिस तरह से वर्ष 2023 में आई बाढ़ के दौरान संपर्क कट जाने से उनके फल और सब्जी उत्पाद खेतों में खराब हो गई थी उसी तरह इस बार भी अब उनकी फसलों को मंडियों तक पहुंचाने का विकल्प नहीं बचा है।
अफरा-तफरी मची
जैसे ही जीवा नाला में बादल फटा वैसे ही नाले में भारी मात्रा में मलबा और पानी नाले के किनारों का तबाह करते हुए पेड़-पौधों को अपने साथ बहाता चला गया। आसपास की पहाड़ियों से लोग चीखते चिल्लाते हुए सूचनाएं देते रहे। लोगों ने आगे नदी के किनारे लोगों को फोन आदि के माध्यम से इसकी सूचना देकर किनारों से हटने के लिए चेतावनी दी। ऐसे में दिनभर क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।