कुल्लू के दुर्गम इलाकों में ग्रामीणों की सेहत जांचने पहुंच रहीं विशेष टीमें
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के पांचों उपमंडलों में किया है विशेष टीमों का गठन
पैदल सफल कर कर टीकाकरण के लिए घर-घर जा रहे स्वास्थ्य कर्मी
राजीव नैय्यर
कुल्लू। जिले की ऊंची चोटियों और दुर्गम घाटियों में इस बार भूस्खलन ने न केवल सड़कें जाम कर दी हैं, बल्कि एक नई चुनौती भी खड़ी कर दी है। जहां रास्ते बंद हैं, वहां सेवा का जज्बा कभी बंद नहीं हुआ।
पैदल चलकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन गांवों तक पहुंच रही हैं जहां इलाज की किरणें कमजोर होती हैं।
जिले के कुल्लू-मनाली, औट-सैंज-लुहरी हाईवे के अलावा ग्रामीण संपर्क सड़कें बंद हैं। यातायात सुविधा न होने से दुर्गम क्षेत्रों के मरीजों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। रास्ते बंद होने के बावजूद मरीजों का इलाज नहीं रुकेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें दुर्गम क्षेत्रों में पहुंचकर इलाज कर रही हैं। नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को आवश्यक टीके भी लगाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि 25 अगस्त से जिले के पांचों उपमंडलों कुल्लू, मनाली, बंजार, आनी और निरमंड में यातायात सुविधाएं ठप हैं। ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों से संपर्क कट गया है। इस वजह से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के उपचार में समस्या आ रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने खंड स्तर पर टीमें बनाई हैं। ये टीमें तय शेड्यूल के अनुसार दुर्गम क्षेत्रों में पैदल पहुंच रही हैं। घर-द्वार के पास शिविर लगाकर ग्रामीणों का उपचार और काउंसलिंग कर रही हैं। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि सड़कें बंद हैं लेकिन उपचार में इन्हें बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। विभाग मरीजों के उपचार को लेकर सजग है। पांचों उपमंडलों में विशेष टीमें बनाई हैं। ये दुर्गम क्षेत्रों में जाकर ग्रामीणों का उपचार कर रहीं हैं।
प्रसव पूर्व भर्ती होने की सुविधा
दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पूर्व उपचार की सुविधा दी जा रही है। नागरिक अस्पताल तेगूबेहड़ में वर्थ वेटिंग होम में गर्भवती महिलाओं को प्रसव से एक से डेढ़ माह पूर्व भर्ती किया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुविधा मिलेगी जिनमें यातायात सुविधा ठप है।
दवाओं का स्टॉक भी उपलब्ध
जिले के पांचों उपमंडलों में आवश्यक दवाओं का स्टॉक उपलब्ध है। मरीजों को दवाओं के लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। जिले के अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी दवाएं उपलब्ध हैं।