कुल्लू और पार्वती घाटी के ग्रामीण क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग के टैंकों की हालत बढ़ा रही चिंता
दीवारों से भी झड़ रहा पेंट, टैंकों में सफाई की तारीख का नहीं जिक्र, व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। शहर और पार्वती घाटी के ग्रामीण क्षेत्रों में जल शक्ति विभाग के पेयजल टैंकों की हालत चिंता बढ़ा रही है। कई टैंकों में ढक्कन लगाने के लिए लकड़ी का जुगाड़ किया गया है, पेंट झड़ रहा है और आसपास घास उगी है।
टैंकों में सफाई कब हुई और आगामी तारीख कब है, इसकी का जिक्र नहीं है। अधिकतर टैंकों की दीवारों पर लगा पेंट झड़ रहा है।
पार्वती घाटी के कशावरी में आने वालेे पेयजल टैंक से कशावरी क्षेत्र के लोगों को पेयजल मुहैया होता है। हैरान करने वाली बात है कि यहां जुगाड़ कर लकड़ी ढांपकर ढक्कन लगाया गया है। इससे पेयजल की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। पेयजल टैंक में पानी दूषित होने की स्थिति में कौन जिम्मेदार होगा। कुल्लू शहर के वार्ड नंबर दस में जल शक्ति विभाग के टैंक की दीवारों से पेेंट झड़ रहा है। टैंक एक कोने में गड्ढा भी बना हुआ है। आसपास घास उगी है। कुल्लू शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाले महाराजा क्षेत्र के एक अन्य पेयजल टैंक की भी यही हालात है। हालांकि विभाग दावा करता है कि टैंकों की नियमित अंतराल के बाद सफाई की जाती है। टैंकों की हालत देखकर यह अंदाजा जा सकता है कि कब इनकी सफाई हुई होगी। अगर सफाई हुई भी है, उनकी तारीख नहीं लिखी गई।
पेयजल टैंक में ढक्कन लगाने के लिए संबंध में निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही शहर के टैंकों में विभाग की ओर से नियमित अंतराल के बाद सफाई की जाती है। - अमित कुमार, अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग कुल्लू
कुल्लू में जल शक्ति विभाग के पेयजल टैंकों की हालत बेहद खराब है। गंदगी और जर्जर व्यवस्था के कारण लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। विभाग को चाहिए कि पेयजल टैंकों की सफाई, मरम्मत और नियमित जांच सुनिश्चित करे। जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। - अभिनव कश्यप, कुल्लू
जिले के गांवों और शहरों में पेयजल व्यवस्था की हालत एक जैसी और अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। लापरवाही के कारण आम जनता की सेहत खतरे में है। प्रशासन और जल शक्ति विभाग तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करे। जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता स्वीकार नहीं है। - अरमान ठाकुर, कुल्लू