कुल्लू और लाहौल से सेब से भरे कई वाहनों के पहिये थमे
सरकारी-निजी बसों के साथ छोटे वाहनों में परेशान हुए यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मौसम खुलने के बाद भी फोरलेन पर सफर करना खतरनाक है। शुक्रवार को कुल्लू-मंडी की सीमा स्थित झीड़ी के पास फिर पहाड़ी दरकने से चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा।
दोपहर करीब 12:00 बजे 2:30 बजे तक दोनों तरफ से फोरलेन की सड़क वाहनों से भर गई।
इसमें कुल्लू से मंडी, कुल्लू से बंजार व आनी जाने वाले लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। मंडी, बंजार और सैंज से कुल्लू आने वाले लोग भी जाम में फंसे रहे। बताया जा रहा है कि झीड़ी से लेकर टकोली टठोल प्लाजा तक लंबा जाम लग गया। इसमें सरकारी और निजी बसों के साथ कई छोटे वाहनों में पहिये थमने से लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। कुल्लू और लाहौल की तरफ से बाहरी मंडियों की तरफ जा रहे सेब, अनार और सब्जियों से भरे ट्रकों और जीपों की कतार लग गई। कुल्लू से आनी जा रहे सनी कुमार, ओम प्रकाश, हेत राम और बालकृष्ण ने कहा कि वे 12:00 बजे से फंसे थे। वह ढाई घंटे बाद निकले। उन्होंने कहा कि झीड़ी के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने से बड़ी-बड़ी चट्टानें फोरलेन पर आ गई थी। उन्होंने कहा कि इस जाम में सैकड़ों वाहन फंस रहे। उन्होंने कहा कि चट्टानें इतनी बड़ी थी कि उन्हें ब्लास्ट कर तोड़ना पड़ा है। एनएचएआई की ओर से कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे तीन को बहाल किया गया। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू संजीव चौहान ने कहा कि भूस्खलन से हाईवे बंद हो गया था। इसे दोपहर बाद बहाल कर दिया गया।