कुल्लू। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जरी में चिकित्सकों की कमी है। सीएचसी में चार चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें तीन पद खाली चल रहे हैं। मणिकर्ण घाटी की 18 ग्राम पंचायतों की हजारों आबादी का स्वास्थ्य महज एक चिकित्सक के हवाले है। ऐसे में ग्रामीणाें को बीमारी की हालत में 40 किलोमीटर दूर स्थित क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में उपचार करवाने के लिए आना पड़ रहा है।
सीएचसी में सामान्य ओपीडी के साथ दंत और नेत्र रोग ओपीडी भी है, लेकिन दंत और नेत्र रोग विशेषज्ञ न होने की वजह से मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू या नागरिक अस्पताल तेगूबेहड़ के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे मरीजों का मर्ज कम होने के बजाय बढ़ रहा है। इसके अलावा उपचार पर अतिरिक्त खर्च भी करना पड़ रहा है।
मणिकर्ण घाटी के निवासी मोहर सिंह, राकेश, रमन, रतन, सुमन, मोनिका, अराधाना ने कहा कि सीएचसी जरी के तहत भ्रैंण, दनोगी, चौंग, रतोचा, जलूग्रां, शाट, जरी, कसोल, मणिकर्ण, बरशैणी, पीणी, तलपीणी, रशोल, बराधा, चौहकी, पूंथल और मलाणा ग्राम पंचायतें आती हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रणजीत ठाकुर ने कहा कि सीएचसी जरी में प्रतिनियुक्ति पर चिकित्सक भेजे जा रहे हैं। संवाद