...एक्सक्लूसिव
मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेजे जा रहे शव
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के साथ परिजन भी हो रहे परेशान
राजीव नैय्यर
कुल्लू। स्वास्थ्य विभाग के पास क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में फॉरेंसिक एक्सपर्ट ही नहीं हैं। अस्पताल से कुछ समय पहले एक्सपर्ट का तबादला हो गया है। इसके बाद यह पद रिक्त है। इस कारण जिले में संदिग्ध मामलों में शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पा रहा है।
मजबूरन स्वास्थ्य विभाग को क्षत-विक्षत शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज नेरचौक भेजना पड़ रहा है, इससे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की दाेनों की परेशानियां बढ़ रही हैं। साथ ही परिजनों को भी इससे दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में फॉरेंसिक एक्सपर्ट का होना अति आवश्यक है। अगर अस्पताल में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की तैनाती हो जाए तो फिर मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज नहीं भेजना पड़ेगा। इससे पुलिस के साथ मृतक के परिजनों का समय भी बचेगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के चक्कर काटने से भी निजात मिलेगी।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तारा चंद ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल से फॉरेंसिक एक्सपर्ट का तबादला हुआ है। उसके बाद अभी पद रिक्त है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों का ब्योरा स्वास्थ्य निदेशालय को भेजा गया है। कहा कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट तैनाती न होने के चलते शव मजबूरी में मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ता है।
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क्या होता है फॉरेंसिक एक्सपर्ट का काम
फॉरेंसिक एक्सपर्ट का काम वैज्ञानिक विधियों और तकनीकों का उपयोग कर आपराधिक मामलों में साक्ष्य एकत्र करना, विश्लेषण करना और व्याख्या करना है। उनका काम अपराध स्थलों की जांच करना, भौतिक साक्ष्य एकत्र करना, प्रयोगशाला विश्लेषण करना है।