कुल्लू में गोल्डन सेब से लदी पेड़ की टहनी।
कुल्लू। रॉयल सेब के बाद अब गोल्डन सेब भी मंडियों में पहुंच गया है। सुनहरे रंग का गोल्डन सेब व्यापारियों की पहली पसंद बना हुआ है। व्यापारियों में गोल्डन सेब की बहुत मांग है। बागवानों को बड़े आकार के सेब के 50 जबकि मध्यम एवं छोटे आकार के सेब को 30-40 रुपये तक दाम मिल रहे हैं। यह दाम पिछले साल के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत ज्यादा हैं। सब्जी मंडी भुंतर, बंदरोल और पतलीकूहल में काफी मात्रा में गोल्डन सेब पहुंच रहा है।
सीजन के दौरान सेब की अलग-अलग किस्में मंडी में आती हैं। शुरुआत में मंडियों में गाला सेब ने धूम मचाई। इसके बाद रॉयल सेब के बॉक्स जिले के बाहर जाने लगे। गोल्डन सेब सबसे आखिर में तैयार होता है। शुरुआत में यह हल्का सुनहरा होता है। साइज भी सेब का बेहतर है। ऐसे में व्यापारी गोल्डन सेब को हाथोंहाथ खरीद रहे हैं। जिले में सीजन के दौरान अब तक करीब 50 फीसदी सेब का कारोबार हो चुका है। कुल्लू में सेब का सीजन 15 अक्तूबर तक सिमटने के आसार हैं। बागवानों का रॉयल सेब भी 55 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। शुरुआत से लेकर आखिर तक इस बार सेब के दाम बेहतर मिलने की उम्मीद है। बागवान दिले राम ठाकुर, चंदन, मोहर सिंह और प्रीतम चंद ने कहा कि अधिकतर बागवानों के पास रॉयल सेब समाप्त हो गया है, लेकिन गोल्डन सेब को बागवान मंडियों में बेचने के लिए ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोल्डन सेब का स्वाद खट्टा मीठा होता है। बगीचों में यह सेब 10 से 15 फीसदी तक होता है।
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अब मंडी में गोल्डन सेब आ रहा है। भुंतर मंडी में छोटे आकार का गोल्डन सेब 30 रुपये, जबकि बड़े आकार का गोल्डन 50 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रहा है। गोल्डन की बाहरी राज्यों के व्यापारियों में अच्छी मांग है।
-मानस कुमार सूद, अध्यक्ष, आढ़ती यूनियन भुंतर