देवता रघुनाथ के मंदिर में बैरागी समुदाय निभा रहा होली गायन की परंपरा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। रघुनाथपुर स्थित अधिष्ठाता देवता रघुनाथ के मंदिर में होली गायन की परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। रोजाना शाम को मंदिर में देवता के जयकारों के बीच रौनक लग रही है।
श्रद्धालु अधिष्ठाता देवता के दर्शनों के लिए पहुंच रह हैं। मंदिर में 300 साल पुरानी परंपरा का वर्तमान समय में भी बखूबी निर्वहन किया जा रहा है। बैरागी समुदाय पुरातन होली गायन की परंपरा को निभा रहा है।
हालांकि, अधिष्ठाता देवता रघुनाथ के मंदिर में बसंत उत्सव से रौनक लगी है। भगवान राम का जयकारा चल रहा है। गत दो फरवरी को जिला मुख्यालय ढालपुर में अधिष्ठाता देवता रघुनाथ की रथयात्रा (बसंत उत्सव) से होली का आगाज हो गया है। राम-भरत मिलन के उपरांत अब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में होली गायन की परंपरा 40 दिन तक निभाई जाएगी। होलिका दहन तक परंपरा के अनुसार होली गायन रोजाना जारी रहेगा। बैरागी समुदाय के पुष्कर महंत, राज कुमार महंत ने कहा कि 16वीं सदी में कुल्लू में अधिष्ठाता देवता रघुनाथ का आगमन हुआ था। उस समय से ही बैरागी समुदाय के लोग इस परंपरा को निभा रहे हैं। भगवान रघुनाथ का मंदिर रघुनाथपुर में होली के गीतों का गायन किया जा रहा है।