कुल्लू। मणिकर्ण घाटी के शिल्हा गांव के साथ लगते जोगना के पास पूरा जंगल धंस रहा है। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है। एक तरफ जहां ग्रामीणों के करीब 7 दोघरे (फार्म हाउस) क्षतिग्रस्त हो रहे हैं तो वहीं जमीन और बगीचे भी इसकी भेंट चढ़ गए हैं। शिल्हा गांव को जोड़ने वाली सड़क भी इसकी चपेट में आ गई है। हालांकि वर्तमान में लोगों ने आपस में धन एकत्रित कर सड़क को वैकल्पिक तौर पर बहाल कर लिया है लेकिन जिस तरह से पहाड़ी खिसक रही है, इससे आने वाले समय में सड़क पर संकट पैदा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सब एनएचपीसी के एडिट-एक की टनल में रिसाव और हाल ही में आई बरसात के कारण हो रहा है। वनाधिकार समिति के अध्यक्ष बुधराम का कहना है कि टनल में रिसाव और बरसात के चलते पूरा पहाड़ खिसक गया है। यहां पहाड़ से कई झरने बहने लगे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में आत्मा राम के खेत भी हैं, जहां पानी निकल रहा है और भूस्खलन हो रहा है। भेड़ पालक छबील दास के अनुसार क्षेत्र में भेड़-बकरियों ले जाना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों की मानें तो इसके साथ ही शिल्हा गांव के नीचे भी भूस्खलन हो रहा है। इससे गांव को खतरा पैदा हो गया है। यहां एनएचपीसी के बांध से बार-बार पानी छोड़ने के कारण भूमि कटाव हो रहा है। इस कारण गांव के आगे का क्षेत्र धंस रहा है और यह भूस्खलन गांव तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने उपायुक्त कुल्लू से आग्रह किया है कि क्षेत्र में दोनों स्थानों पर हो रहे भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।