उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। चंद्रभागा नदी पर बने जोबरंग पुल पर खतरा मंडराने लगा है। चंद्रभागा नदी का बहाव पुल से टकराने लगा है। यह पुल वामतट पर बसे जोबरंग पंचायत के तीन गांव जोबरंग, रापे और राशेल को जोड़ता है। पुल से होकर ग्रामीणों की रोजाना आवाजाही के साथ तमाम नगदी फसलें बाहर आती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही चंद्रभागा नदी का बहाव बढ़ जाता है, वैसे ही नदी का पानी पुल से टकराना शुरू हो जाता है। इससे जोबरंग पुल को खतरा पैदा हो गया है। घाटी में आजकल तेज धूप होने से तापमान बढ़ रहा है जिससे ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं, नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में चंद्रभागा नदी का बहाव भी उफान पर है।
28 जुलाई शाम को भी चंद्रभागा नदी का बहाव बढ़ गया और नदी का पानी पुल से टकराने लगा जिससे जोबरंग पंचायत के लोगों की परेशानी बढ़ गई।
पंचायत के पूर्व प्रधान सोम देव योकी ने कहा कि नदी का बहाव बढ़ जाने से उनकी पंचायत को जोड़ने वाला जोबरंग पुल को खतरा हो गया है। जाहलमा नाला में पिछले चार-पांच साल से बाढ़ आने से जोबरंग गांव के नीचे झील बन रही है। जोबरंग पुल से लेकर जाहलमा नाला तक काफी सिल्ट भरा गया है। ऐसे में नदी का बहाव बढ़ जाने से पानी पुल से टकरा रहा है।
बता दें कि जाहलमा नाले में वर्ष 2021-22 में बाढ़ आने से केलांग-उदयपुर को जोड़ने वाला जाहलमा पुल को नुकसान हुआ था। पूर्व प्रधान योकी ने सरकार व प्रशासन से आग्रह किया है कि जैसे ही कुछ समय बाद नदी के बहाव में कमी आएगी तो इस पुल को बचाने का समाधान तलाशा जाए।