कुल्लू। देव खुडीजल के लिए समर्पित 11 दिवसीय देहुरी मेले का समापन हो गया है। अधिष्ठाता देवता खुडीजल, देवता ठैंशरी और देवता खोड़ू देवालय लौट गए हैं। इस दौरान हजारों लोगों ने देवताओं के दर्शन कर सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
31 अगस्त से शुरू हुए देवता मेले में पलेच, देव नृत्य और पारंपरिक नाटी आकर्षण का केंद्र रही। समापन अवसर पर आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार मुख्यातिथि मौजूद रहे। देव परंपरा और लोक संस्कृति के प्रतीक मेले में रघुपुर घाटी की करशैईगाड़, लगौटी, टकरासी और फनौटी पंचायतों के साथ सीमांत मंडी जिले के लोगों ने भाग लिया।
सदियों से मनाए जाने वाले मेले में मंडी जिले के छतरी क्षेत्र के देवता ठैंशरी ने भी भाग लिया। इस दौरान अपने दुखों और समस्या को लेकर शिमला और मंडी जिले के लोग देवता खुडीजल के दरबार पहुंचे। देव खुडीजल के कारदार शेर सिंह और शिवराज शर्मा ने कहा कि पांच सितंबर को मेले का समापन हुआ। देवनृत्य के साथ देवता खुडीजल के निशान के साथ कारकूनों ने नाटी डालकर लोगों का मनोरंजन किया। इस मौके पर कुल्लू जिले के भाजपा महामंत्री अमर ठाकुर, आनी मंडल के महामंत्री सुरेंद्र ठाकुर, करशैईगाड़ पंचायत के उपप्रधान परस राम चौहान और फनौटी पंचायत के उपप्रधान धर्म सिंह ठाकुर मौजूद रहे।
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नहीं आए देव झाकणू नाग और टकरासी नाग
खुडीजल के देहुरी मेले में निरमंड क्षेत्र के धारा सरगा के देवता झाकणू नाग और टकरासी नाग नहीं आ सके। दोनों देवताओं का दौरा अचानक रद्द होने से लोगों में मायूसी देखने को मिली। पहली बार झाकणू नाग के आने से कुल्लू और मंडी के लोगों मेंं उत्साह का माहौल था।
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