उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ने जा रही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) लाहौल-स्पीति के केलांग स्थित अपने फील्ड स्टेशन को राष्ट्रीय उच्च तुंगता (हाई एल्टीट्यूड) चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड कर रहा है। यह देश का पहला हाई एल्टीट्यूड चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य केंद्र होगा। इस परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। केंद्र का निर्माण केलांग के साथ लगते गुसकियार में होगा। इसमें रिसर्च भवन और आवासीय भवन बनाए जाएंगे।
केंद्र में हाई एल्टीट्यूड से संबंधित रोगों, हृदय-फेफड़ों के विकारों, रक्त संबंधी समस्याओं और जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर शोध होगा। देश-विदेश के वैज्ञानिकों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधा भी उपलब्ध होगी। केंद्र में पूर्ण विकसित डायग्नोस्टिक लैब स्थापित होगी। इससे मरीजों की जांच और त्वरित निदान स्थानीय स्तर पर होगा। अब लोगों को शिमला, चंडीगढ़ या दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। कई तरह की बीमारियों पर विशेष रूप से शोध होगा। साथ ही सेना के जवानों, पर्यटकों को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा। सीएमओ केलांग डाॅ. मनोज कुमार गांधी ने बताया कि परियोजना का शिलान्यास 11 जुलाई को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की ओर से किया जाएगा।
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20 लोगों को मिलेगी स्थायी नौकरी
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के वर्तमान स्टेशन में कुछ ही कर्मचारी प्रोजेक्ट आधार पर काम कर रहे हैं। नए केंद्र में वैज्ञानिक, चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्नीशियन और सहायक स्टाफ के लगभग 20 स्थायी पद सृजित होंगे। इससे क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा। केंद्र से लाहौल-स्पीति सहित पूरे हिमालयी क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
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