कॉकरोच मामले में जांच करने पहुंची टीम, खाद्य सुरक्षा विभाग कंपनी को जारी करेगा नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों को परोसे गए मुफ्त भोजन में कॉकरोच मिलने का मामला स्वास्थ्य तंत्र की पोल खोल रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि मैस चला रही कंपनी के पास कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र तक नहीं है।
यानी जो कंपनी वर्षों से मरीजों को भोजन परोस रही थी, उसने खाद्य सुरक्षा अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ा रखी हैं। चार-पांच दिन बाद हुई जांच में न केवल अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है, बल्कि यह भी नजर आया कि निगरानी के नाम पर जिम्मेदार विभाग सिर्फ कागजों में ही जाग रहे थे। अब खाद्य सुरक्षा विभाग ने कंपनी को नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी है। मरीज के खाने में कॉकरोच मिलने के मामला सामने आने के करीब चार-पांच दिन बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम निरीक्षण करने पहुंची। जांच में खुलासा हुआ है कि मेस चला रही कंपनी के पास कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र नहीं है। इससे सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम को ठेंगा दिखाया जा रहा है। व्यवस्थागत विभाग को भी इसके बारे में तब पता चला, जब मामले की जांच शुरू हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि विभाग ने इस तरह की खामियों के बावजूद कंपनी को मरीजों को मुफ्त खाना खिलाने का महत्वपूर्ण कार्य कैसे दे दिया।
यह है मामला
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में भर्ती मरीजों को विभाग की ओर से मुफ्त खाना परोसा जाता है। खाना बनाने और परोसने के लिए विभाग टेंडर करता है। कुल्लू अस्पताल में भी धरातल मंजिल में एक तरफ कैंटीन और दूसरी तरफ मेस चल रही है। इस मेस से मरीजों को परोसे गए खाने में कॉकरोच मिला था। इस घटना का एक महिला ने वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया था। मामला बढ़ने पर खाद्य सुरक्षा एवं विनिमयन विभाग ने मेस का निरीक्षण किया। इस दौरान कीट नियंत्रण प्रमाण पत्र के साथ कई खामियां उजागर हुई हैं।
यह होता है कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र
खाद्य सामग्री की सेवाएं देने वाली कंपनियों को यह प्रमाणपत्र लेना जरूरी है जिससे खाने-पीने की वस्तुओं में किसी तरह के जहरीले कीट न मिलें। खाने की गुणवत्ता स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग का खाद्य सुरक्षा विंग प्रमाणपत्र जारी करता है। कंपनी को सुनिश्चित करना होता है कि समय-समय पर संस्थान में कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करवाए और प्रमाणपत्र में इसका जिक्र हो।
मरीजों को परोसे जाने वाले खाने के लिए कंपनी को कीट नियंत्रण प्रमाणपत्र लेना जरूरी है लेकिन मेस चला रही कंपनी के पास इस तरह का कोई प्रमाण पत्र नहीं मिला है। इस मामले में कंपनी से जवाब मांगा जा रहा है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। - अनिल शर्मा, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं विनिमयन विभाग