15 मील पुल के गाडर झुके, प्लेटें उखड़ीं और ग्रिलें टूटीं, सिस्टम अब भी चुप
खस्ताहाल पुल को पार करते समय गिरने से एक व्यक्ति की हो चुकी है मौत
वामतट पर बसीं चार पंचायतों की लाइफलाइन 15 पुल अनदेखी का शिकार
विजय गुप्ता
हरिपुर (कुल्लू)। चार पंचायतों की जीवनरेखा बना 15 मील पुल आज खुद सहारे का मोहताज है। गाडर झुके हैं, प्लेटें उखड़ गई हैं और ग्रिलें टूट चुकी हैं लेकिन सिस्टम अब भी चुप है।
एक जान जाने के बाद भी मरम्मत की पहल न होना प्रशासनिक संवेदनहीनता पर सवाल खड़ा करता है। चार पंचायतों की सैकड़ों आबादी की लाइफलाइन 15 मील पुल मरम्मत को तरस रहा है। पिछले साल एक व्यक्ति की पुल पार करते हुए मौत भी हो गई थी। हादसे के बाद भी प्रशासन और लोक निर्माण विभाग नहीं जागा है।
वर्ष 2025 में आपदा आई थी तो कुल्लू से मनाली के बीच फोरलेन से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई थी। 15 मील का यही वाहन योग्य पुल मददगार बना था। इसी पुल से कुल्लू-मनाली के राइट और लेफ्ट बैंक के लोगों और पर्यटकों को आवाजाही की सुविधा मिली थी। पुल की मरम्मत न होने से जिले के मंगलौर पुल जैसा हादसा होने का लोगों को डर सता रहा है।
लोगों का कहना है कि 15 मील पुल में लगीं प्लेटें, गाडर और ग्रिल क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुल से छोटी कारें और जीप आर-पार होती हैं लेकिन यहां कभी भी हादसा हो सकता है। 15 मील में स्थापित इस पुल से वामतट पर बसीं चार पंचायतों सोयल, सरसेई, करजां और हल्लाण-एक के ग्रामीणों को आवाजाही की सुविधा मिलती है। पर्यटक भी इस पुल से सोमवन की सुंदरता को निहारने के लिए ब्यास नदी को पार करते हैं। ग्रामीण सोमदत्त, आकाश, रोहित और मोहन लाल ने कहा कि गत वर्ष पुल की जर्जर हालत के कारण एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
15 मील पुल की मरम्मत करने के लिए मेकेनिकल विंग को आदेश दिए जाएंगे। पुल को चकाचक कर दिया जाएगा। - अनूप शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
वामतट पर स्थित जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय हरिपुर जाने के लिए राइट बैंक के विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुल से कम समय में विद्यार्थी कॉलेज पहुंच जाते थे लेकिन जर्जर पुल को पार करना खतरे से खाली नहीं है। - सक्षम शर्मा, ग्रामीण
15 मील में ब्यास नदी पर बना पुल खस्ताहाल में है। इससे वाहनों को गुजारना तो परेशानी ही है, पैदल आवाजाही करने में भी हादसे का डर सता रहा है। आपातकालीन स्थिति में लाइफलाइन जैसे पुल की सरकार और लोक निर्माण विभाग जल्द सुध लें। - कुबेर, ग्रामीण